इस तरह होगा स्थायी समिति का गठन
भाजपा के 5, वायएसपी व कांग्रेस के 3-3, एमआईएम व राकांपा के 2-2 सदस्य रहेंगे

* शेष एक सदस्य पद के लिए शिंदे सेना व बसपा के बीच निकलेगी ईश्वर चिठ्ठी
* पक्षीय बलाबल के अनुसार स्थायी समिति में नामित होंगे विभिन्न दलों से सदस्यों के नाम
* 16 सदस्यीय स्थायी समिति के लिए प्रत्येक पार्षद की ‘वैल्यू’ है 5.43
* ‘वैल्यू’ के आधार पर ही तय होगा गटों की सदस्य संख्या का ‘कोटा’
अमरावती /दि.4- अमरावती महानगर पालिका में हुए आम चुनाव के बाद अब सदन में पक्षीय बलाबल को लेकर स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो गई है. खास बात यह भी है कि, त्रिशंकू सदन वाली अमरावती महानगर पालिका में सत्ता स्थापित करने हेतु गट बनाते समय किसी भी राजनीतिक पार्टी ने किसी भी अन्य पार्टी के साथ हाथ नहीं मिलाया है, बल्कि सभी राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी पार्षद संख्या के साथ मनपा में अपने गट पंजीकृत किए है. जिसके चलते अब सभी की निगाहें इस बात की ओर लगी हुई है कि, महापौर व उपमहापौर के चुनाव पश्चात मनपा की स्थायी समिति में किस पार्टी के कितने सदस्य नामित होंगे तथा स्थायी समिति में किस पार्टी या गठबंधन का बोलबाला रहेगा. साथ ही उत्सुकता इस बात को लेकर भी है कि, इस बार स्थायी समिति का सभापति कौन रहेगा. जिसके हाथ महानगर पालिका की तिजोरी की चाबी रहेगी. ऐसे में दैनिक ‘अमरावती मंडल’ ने तमाम कानूनी प्रावधानों व तकनीकी पेंचों को ध्यान में रखते हुए मनपा के सदन की मौजूदा स्थिति तथा पक्षीय बलाबल की संख्या के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है कि, इस बार मनपा की स्थायी समिति में भाजपा के 5, वायएसपी व कांग्रेस के 3-3, एमआईएम व राकांपा के 2-2 सदस्य रहेंगे तथा शेष एक सदस्य पद के लिए शिंदे सेना व बसपा के बीच ईश्वर चिठ्ठी निकाली जाएगी.
बता दें कि, मनपा की कुल सदस्य संख्या को स्थायी समिति की सदस्य संख्या से विभाजित करने के उपरांत आनेवाले भागफल को ही प्रत्येक पार्षद की ‘वैल्यू’ माना जाता है और उसी आधार पर दलों अथवा गटों की सदस्य संख्या को ध्यान में रखते हुए उनका कोटा तय किया जाता है. चूंकि 87 सदस्यीय अमरावती महानगर पालिका की स्थायी समिति में 16 सदस्य भेजे जाते है. ऐसे में 87 को 16 से विभाजित करने पर भागफल 5.43 आता है. जिसे प्रत्येक पार्षद की स्थायी समिति के लिए ‘वैल्यू’ कहा जा सकता ैैहै. चूंकि भाजपा के पास मनपा में 25 सदस्य है. अत: इस ‘वैल्यू’ के हिसाब से भाजपा 4 सदस्य बडी आसानी के साथ स्थायी समिति में भेज सकती है, जिसमें 21.75 की ‘वैल्यू’ खर्च होगी, जिसके बाद भाजपा के पास 3.25 की ‘वैल्यू’ बची रहेगी. वहीं 15-15 सदस्य वाली युवा स्वाभिमान पार्टी व कांग्रेस भी इसी ‘वैल्यू’ के आधार पर अपने 2-2 सदस्य स्थायी समिति में आसानी के साथ भेज सकेंगे. जिसमें दोनों दलों की 10.87-10.87 की ‘वैल्यू’ खर्च होगी और इसके बाद दोनों दलों के पास 4.13-4.13 की ‘वैल्यू’ बची रहेगी. इसके अलावा 12 सदस्यों वाली एमआईएम तथा 11 सदस्यों वाली राकांपा भी इसी ‘वैल्यू’ के आधार पर अपने 2-2 सदस्य स्थायी समिति में नामित कर सकेगी. जिसके बाद दोनों पार्टियों की 10.83 की ‘वैल्यू’ खर्च होगी और दोनों दलों के पास 1.13-1.13 की ‘वैल्यू’ बची रहेगी.
इस तरह 16 सदस्यीय स्थायी समिति में पक्षीय बलाबल के अनुसार 12 सदस्यों का चयन बडी आसानी से हो जाएगा. जिसके बाद शेष बची ‘वैल्यू’ के आधार पर असली ‘खेला’ शुरु होगा. चूंकि यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद सर्वाधिक 4.13-4.13 की ‘वैल्यू’ युवा स्वाभिमान पार्टी और कांग्रेस के पास बची हुई है, तो इस ‘वैल्यू’ के आधार पर दोनों पार्टियों को अपने और 1-1 सदस्य स्थायी समिति में भेजने का मौका मिलेगा. जिसके बाद 3.25 की ‘वैल्यू’ शेष रहनेवाली भाजपा का और एक सदस्य स्थायी समिति में नामित होगा, यानि इस जरिए स्थायी समिति में नामित सदस्यों की संख्या 15 पर पहुंचेगी और फिर भी एक सदस्य बाकी रहेगा. चूंकि इस समय एमआईएम व राकांपा के पास केवल 1.13-1.13 की ‘वैल्यू’ बची हुई थी. वहीं शिंदे सेना और बसपा की सदस्य संख्या 3-3 है, जो दोनों दलों के पास उपलब्ध ‘वैल्यू’ से ज्यादा है. तो ‘वैल्यू’ की बजाए सदस्य संख्या के आधार पर एक सदस्य चुनने को वरीयता दी जाएगी. लेकिन यहां पर भी एक तकनीकी पेंच फंसनेवाला है. क्योंकि शिंदे सेना व बसपा की मनपा के सदन में सदस्य संख्या सम-समान है. जिसके चलते 16 वें और अंतिम सदस्य को चुनने हेतु दोनों दलों के बीच ‘ईश्वरचिठ्ठी’ निकाली जाएगी. इस तरह स्थायी समिति में भाजपा के 5, युवा स्वाभिमान पार्टी व कांग्रेस के 3-3, एमआईएम व राकांपा के 2-2 सदस्य रहेंगे. वहीं ईश्वरचिठ्ठी के बाद एक सदस्य शिंदे सेना या बसपा से शामिल होगा.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, मनपा में सत्ता स्थापित करने के लिए भाजपा, युवा स्वाभिमान पार्टी व राकांपा ने आपसी गठबंधन करने का निर्णय कर लिया है. जिसके आधार पर मनपा में भाजपा का महापौर व युवा स्वाभिमान पार्टी का उपमहापौर बनना तय हो चुका है. यदि यही गठबंधन स्थायी समिति में भी कायम रहता है, तो 16 सदस्यीय स्थायी समिति में भाजपा के 5, युवा स्वाभिमान पार्टी के 3 व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 2 ऐसे कुल 10 सदस्यों का बहुमत रहेगा. जिसके चलते इसी गठबंधन से वास्ता रखनेवाला कोई पार्षद ही स्थायी समिति सभापति निर्वाचित होगा, यह अभी तय दिखाई दे रहा है. जिसे लेकर अभी से अच्छी-खासी उत्सुकता का माहौल है.





