नायलॉन मांजा की विक्री और प्रयोग करनेवाले कडे दंड हेतु पात्र
नागपुर हाईकोर्ट की गंभीर टिप्पणी

मुंबई /दि.9 – बेहद खतरनाक रहनेवाले नायलॉन मांजे की वजह से प्रतिवर्ष अनेकों नागरिक गंभीर रुप से घायल होते है और कई लोगों की नायलॉन मांजे की चपेट में आकर मौत भी होती है, यह अपने-आप में बेहद गंभीर बात है. नागरिकों के प्राण बेहद अमूल्य है, इस बात को भूला नहीं जा सकता. जिसके चलते पतंगबाजी करने हेतु नायलॉन मांजे की विक्री करनेवाले और नायलॉन मांजे का प्रयोग करनेवाले लोग कडे दंड के लिए ही पात्र है, ऐसी गंभीर टिप्पणी मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ द्वारा गुरुवार को की गई.
इस मामले पर न्या. अनिल किलोर व न्या. राज वाकोडे की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई हुई. जिसके बीच मो. अल्ताफ खान नामक नागरिक ने दंड के आदेश पर आक्षेप लेते हुए विविध सुझाव दिए. जिसके तहत कहा गया कि, नायलॉन मांजा विक्रेताओं का आर्थिक मानकों के आधार पर वर्गीकरण करते हुए बडे विक्रेताओं पर अधिक व छोटे विक्रेताओं पर कम दंड लगाया जाए. साथ ही नाबालिगों के अभिभावकों पर कोई दंड न लगाया जाए. क्योंकि वे अपने पाल्यों पर 24 घंटे समय नहीं रख सकते. अदालत ने इन सभी सुझावों को निराधार व निरर्थक बताते हुए खारिज कर दिया और कहा कि, इन सुझावों में कोई गंभीरता नहीं है. साथ ही अब इस मामले में अगली सुनवाई 12 जनवरी को करना तय किया गया.
* सन 2021 से स्थिति ‘जैसे थे’
अदालत ने नायलॉन मांजे के खिलाफ स्वसंज्ञान लेते हुए सन 2021 में खुद ही एक जनहित याचिका दाखिल की है. लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अब तक कोई समाधानकारक बदलाव नहीं हुआ, बल्कि पतंग उडाने हेतु खुलेआम तरीके से नायलॉन मांजे का प्रयोग किया जा रहा है. जिसके परिणामस्वरुप अब अदालत ने नायलॉन मांजे की विक्री करनेवाले और नायलॉन मांजे का प्रयोग करनेवाले लोगों पर कडा दंड लगाने की दिशा में कदम बढाने शुरु किए है.
* ऐसे हैं दंड के संदर्भ में निर्देश
नायलॉन मांजे के जरिए पतंग उडानेवाला नाबालिग रहने पर उसके अभिभावकों को तथा सज्ञान रहने पर खुद उस पर 50 हजार रुपए तथा नायलॉन मांजा बेचनेवाले विक्रेता पर ढाई लाख रुपए का दंड लगाने का निर्देश उच्च न्यायालय ने 24 दिसंबर 2025 को जारी आदेश में दिया है. साथ ही विदर्भ क्षेत्र के सभी जिलाधिकारियों ने इस बारे में नोटिस प्रकाशित कर इच्छुकों से कोई आपत्ति या आक्षेप रहने पर अदालत ने अपने आक्षेप व आपत्तिया प्रस्तुत करने हेतु कहा है.





