रवि नगर में परसों हजारों ग्रहण करेंगे महाप्रसाद

हनुमान जन्मोत्सव, जोरदार तैयारियां पूर्ण

* समर्थ माउली सरकार के हस्ते रामायण पाठ पूर्णाहूति
अमरावती /दि.31 – रवि नगर के विदर्भ प्रसिद्ध संकट मोचन हनुमान मंदिर में परसों 2 अप्रैल को सबेरे 5 बजे जन्मोत्सव आरती होगी और गुढी पाडवा से चली आ रही रामायण की पूर्णाहूति अनंत भूषित जगतगुरु श्री समर्थ माउली सरकार के हस्ते होगी. महाप्रसाद का प्रारंभ सबेरे 10 बजे से हो जाएगा. उस दौरान लकी भाई दादलानी और उनके साथी भजन-कीर्तन प्रस्तुत करेंगे. यहां 40-45 हजार भाविक हनुमान जन्मोत्सव का प्रसाद ग्रहण करते हैं. उसकी तैयारी आज शाम ही पूर्ण हो जाने की जानकारी सीताराम महाराज ने दी. उन्होंने बताया कि, भाविकों के सहहृदय योगदान के कारण भंडारा प्रसादी अनवरत है. इतना ही नहीं तो मंदिर ट्रस्ट ने सबेरे 5 बजे जन्मोत्सव और उपरान्त प्रसादी का लाभ लेने का आवाहन किया है.
रामायण पाठ में महिलाओं का सहभाग
गत रविवार 29 मार्च को यहां 11 बार हनुमान चालीसा पाठ भव्यता से संपन्न हुआ. हजारों श्रद्धालुओं ने रामप्रियाश्रीजी के सानिध्य में भक्तिभाव से चालीसा पाठ किया. उसमें भी हजारों की संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्ण भाग लिया. ऐसे ही मंदिर में शुरु अखंड रामायण पाठ में महिलाएं उत्साह से सहभागी होने की जानकारी मंदिर ट्रस्ट ने दी. सतत पखवाडे से चल रहे रामायण पाठ की पूर्णाहूति हनुमान जन्मोत्सव पर होगी.
* विशाल पंडाल, भव्य तैयारियां
सिलेंडर संकट के बावजूद लकडियों की भट्टियों पर हजारों लोगों के लिए महाप्रसादी बनाने की तैयारी हैं. यहां 35-40 हजार से अधिक भाविक प्रसादी के लिए आते हैं. अत: विशाल पंडाल संकट मोचन मंदिर के सामने आच्छादित किया गया है. हनुमानजी की विशाल मूर्ति वहां पेड के पास रामभक्ति में तल्लीन दिखाई देती है. संपूर्ण परिसर को केले के स्तंभ और आम पालव से सजाया गया है. परसों रंगोली भी उकेरी जाएगी. संपूर्ण परिसर राम और हनुमान की भक्ति से सराबोर दिखाई दे रहा है. इस परिसर में एक-दूसरे का अभिवादन नागरिक राम राम अथवा जय श्री राम से करते हैं.
* संकट मोचन की शोभा बढी
सभी के पूज्य संकट मोचन हनुमान की शोभा जन्मोत्सव से ठीक पहले बढती प्रतीत हो रही हैं. ऐसे में दर्शनार्थी भाविकों की संख्या बढ गई है. आसपास फूल की मालाओं विशेषकर कपास के फूल, चमेली के तेल, सिंदुर, नारियल की दुकानें सजी है और भाविक उसका उपयोग करते हुए हनुमानजी को उक्त सभी चीजें समर्पित करने उद्यत हैं.

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