बढ़ती गर्मी में ई-वाहनों की बैटरी पर खतरा
सही सावधानी से टाल सकते हैं आग की घटनाएं

अमरावती /दि.21 – तेज़ गर्मी के मौसम में इलेक्ट्रिक वाहनों (ई-व्हीकल) की लिथियम-आयन बैटरी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. तापमान ज्यादा होने पर थर्मल रनअवे यानी बैटरी के अत्यधिक गर्म होकर आग पकड़ने का जोखिम बढ़ जाता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सही उपयोग और अधिकृत चार्जर अपनाने से ई-वाहन पूरी तरह सुरक्षित रह सकते हैं.
* क्यों बढ़ता है खतरा?
भीषण गर्मी में बैटरी का तापमान तेजी से बढ़ता है, अंदर की रासायनिक प्रक्रिया असंतुलित हो सकती है, ओवरहीटिंग होने पर बैटरी में आग लगने की आशंका रहती है.
* चार्जिंग करते समय रखें ये सावधानियां
धूप में खड़ी गाड़ी को तुरंत चार्ज न करें, हमेशा छांव या कवर पार्किंग में चार्जिंग करें, लंबी ड्राइव के बाद 15-20 मिनट गाड़ी ठंडी होने दें, केवल कंपनी का अधिकृत चार्जर ही इस्तेमाल करें
* कौन सी बैटरी ज्यादा सुरक्षित?
– एलएफपी (लिथियम आयरन फॉस्फेट) बैटरी गर्मी में अपेक्षाकृत ज्यादा सुरक्षित
– एनएमसी (निकेल-मैंगनीज-कोबाल्ट) बैटरी में ओवरहीटिंग का जोखिम अधिक माना जाता है
* आधुनिक सुरक्षा प्रणाली
आजकल ई-वाहनों में बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (बीएमएस) दिया जाता है, जो तापमान नियंत्रित करता है और खतरा होने पर चार्जिंग स्वतः बंद कर देता है. इलेक्ट्रिक वाहन असुरक्षित नहीं हैं, लेकिन गर्मियों में गलत चार्जिंग आदतें दुर्घटना का कारण बन सकती हैं. सही पार्किंग, सही चार्जिंग और थोड़ी सावधानी, यही ई-वाहन सुरक्षा की सबसे बड़ी गारंटी है.





