करंट लगाकर नीलगाय के शिकार के मामले में तीन आरोपी बरी
एड. मिर्झा वसीम की सफल पैरवी

अमरावती/दि.11 – खेत में करंट लगाकर तीन नीलगायों के शिकार के मामले में अमरावती के स्थानीय न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है. अतिरिक्त मुख्य न्यायदंडाधिकारी, अमरावती ने सुनवाई के बाद आरोपी श्यामु गवली, अर्जुन राठोड और सैय्यद इफ्तेखार (सभी निवासी शेवती, तहसील व जिला अमरावती) को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 39, 50 और 51 के आरोपों से बरी कर दिया. इस प्रकरण में आरोपियों की तरफ से एड. मिर्झा वसीम ने सफल पैरवी की.
प्रकरण के अनुसार, आरोपी श्यामु गवली ने अपने खेत (मौजा शेवती, सर्वे नंबर 190) में जंगली जानवरों से फसल बचाने के लिए विद्युत प्रवाह की व्यवस्था की थी. आरोप था कि 25 और 26 जनवरी 2013 की मध्यरात्रि के दौरान उसी करंट की वजह से तीन नीलगायों की मौत हो गई, जिसे शिकार का मामला माना गया. आरोप यह भी था कि आरोपी अर्जुन राठोड और सैय्यद इफ्तेखार ने अपने निजी ट्रैक्टर की मदद से तीनों नीलगायों के शवों को सबूत मिटाने के उद्देश्य से पास के नाले में फेंक दिया था. बताया गया कि पूरी घटना एक वन्य मित्र ने देखी थी, जिसने फोटो खींचकर वन्यजीव संरक्षण कार्यालय को ई-मेल के माध्यम से भेजे थे. इसके बाद मामला सामने आया और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई.
सुनवाई के दौरान सरकारी पक्ष की ओर से चार गवाहों के बयान अदालत में दर्ज किए गए. हालांकि बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जांच में हुई कई खामियों को अदालत के सामने रखा और सरकारी गवाहों के बयानों पर सवाल उठाते हुए उन्हें अविश्वसनीय बताया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने साक्ष्यों के अभाव में तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया. आरोपी अर्जुन राठोड और सैय्यद इफ्तेखार की ओर से अधिवक्ता मिर्जा वसीम ने पैरवी की, जबकि अधिवक्ता आशीष चौबे और अधिवक्ता अकरम शेख ने उनका सहयोग किया. आरोपी श्यामु गवली की ओर से अधिवक्ता तांबटकर ने पक्ष रखा.





