तीन ‘कमल’, एक ‘पाना’
विलास नगर में नवनीत राणा ने दिया फार्मूला

* वायएसपी प्रत्याशी दीपक साहू सम्राट के प्रचार हेतु उतरी मैदान में
* वायएसपी के मंच पर भाजपा के तीन प्रत्याशियों कुसूम साहू, संजय नरवणे व पूजा अग्रवाल को भी साथ किया शामिल
* भाजपा के चौथे प्रत्याशी को बताया गद्दार व बेईमान, चमचागिरी कर टिकट हासिल करने की बात कही
* सांसद ओवैसी व विधायक खोडके पर भी जमकर साधा निशाना, दोनों को ‘दायरे’ में रहने की दी नसीहत
अमरावती/दि.7 – आगामी 15 जनवरी को होने जा रहे अमरावती महानगर पालिका के चुनाव को लेकर इस समय अमरावती मनपा क्षेत्र के सभी प्रभागों में चुनाव प्रचार की जबरदस्त धामधूम चल रही है. साथ ही चुनाव प्रचार के दौरान कई प्रभागों बडी अजब-गजब व रोचक स्थिति भी बनती दिखाई दे रही है. ऐसी ही रोचक स्थिति गत रोज प्रभाग क्र. 6 विलास नगर-मोरबाग में बनती दिखाई दी. जहां पर मसानगंज परिसर में विधायक रवि राणा के नेतृत्ववाली युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी दीपक साहू सम्राट के प्रचार हेतु मंच पर भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा उपस्थित हुई. साथ ही साथ युवा स्वाभिमान पार्टी के मंच पर क्षेत्र के चार भाजपा प्रत्याशियों में से संजय नरवणे, कुसूम साहू व पूजा कौशिक अग्रवाल को ही आमंत्रित किया गया तथा इस क्षेत्र के मतदाताओं के समक्ष भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा ने इस बार के मनपा चुनाव में तीन ‘कमल’ व एक ‘पाना’ चलाने का अनुरोध करते हुए कहा कि, मंच पर उपस्थित भाजपा के तीन प्रत्याशियों को वोट देने के साथ-साथ चौथी सीट के लिए वायएसपी प्रत्याशी दीपक साहू सम्राट को वोट देना है.
यहां यह विशेष उल्लेखनीय है कि, भाजपा द्वारा प्रभाग क्र. 6 विलास नगर-मोरबाग में पूर्व महापौर संजय नरवणे, पूर्व उपमहापौर कुसूम साहू एवं पूजा कौशिक अग्रवाल के साथ ही पूर्व पार्षद राजेश साहू पड्डा को अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाते हुए चुनावी मैदान में उतारा गया है. परंतु युवा स्वाभिमान पार्टी द्वारा इसमें से तीन प्रत्याशियों को लगभग ‘हाईजैक’ करते हुए चौथी सीट पर अपने अधिकृत प्रत्याशी दीपक सम्राट की ‘पैराशुटिंग’ करवाने का प्रयास किया जा रहा है. जिसके लिए भाजपा नेत्री व पूर्व सांसद नवनीत राणा तथा उनके पति व विधायक रवि राणा संयुक्त रुप से प्रयास कर रहे है. जिन्होंने गत रोज युवा स्वाभिमान पार्टी प्रत्याशी दीपक साहू सम्राट के प्रचार हेतु आयोजित जनसभा में दीपक साहू सम्राट के साथ ही भाजपा के तीन प्रत्याशियों को प्रस्तुत किया तथा क्षेत्र के मतदाताओं से तीन ‘कमल’ व एक ‘पाना’ चलाने का आवाहन भी किया.
इस समय मसानगंज परिसर के मतदाताओं को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा ने विलास नगर-मोरबाग प्रभाग से भाजपा के चौथे प्रत्याशी के तौर पर मैदान में रहनेवाले पूर्व पार्षद राजेश साहू पड्डा का नाम लिए बिना कहा कि, ‘उस’ चौथे प्रत्याशी ने लोकसभा चुनाव के समय उनके यानि नवनीत राणा के खिलाफ काम किया था. जबकि वे उस चुनाव में भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी थी. इसे सीधे-सीधे बेईमानी व गद्दारी कहा जा सकता है. ऐसे में इस बार ऐसे गद्दार लोगों को सबक सिखाकर उन्हें उनकी असली जगह बताना जरुरी है.
* आज अगर मैं सांसद होती, तो ओवैसी की इतनी हिम्मत नहीं होती
विगत लोकसभा चुनाव में हुई अपनी हार की पीडा को अपने संबोधन में कई बार व्यक्त करते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा ने कहा कि, कुछ गद्दारों की वजह से अगर पिछले लोकसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना नहीं करना पडा होता और अगर वे सांसद निर्वाचित हो गई होती, तो आज ओवैसी जैसे नेताओं के अमरावती आकर उन्हें धमकी देने की हिम्मत नहीं हुई होती. साथ ही साथ पूर्व सांसद नवनीत राणा ने यह भी कहा कि, उन्होंने अपने महज पांच साल के संसदीय कार्यकाल के दौरान अमरावती में विमानतल, टेक्सस्टाईल पार्क व मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दिलाने के साथ ही कई रेलगाडियों को भी मंजूरी दिलाई. जिससे अमरावती शहर में विकास की तरफ बढना शुरु किया था. साथ ही उनके पास आगे के लिए भी कई योजनाएं तैयार थी. लेकिन कुछ गद्दारों की वजह से उन्हें हार का सामना करना पडा और अमरावती के विकास पर ब्रेक लग गया.
* खोडके को भी दी ‘दायरे’ में रहने की नसीहत
पूर्व सांसद नवनीत राणा ने अपने संबोधन के दौरान इशारों-इशारों में अजीत पवार गुट वाली राकांपा के नेता व विधायक संजय खोडके पर भी निशाना साधा और कहा कि, कुछ लोग खुद को जरा ज्यादा ही उंचा व समझदार मानते है तथा दूसरों को ‘शानपंती’ सिखाने का प्रयास करते है. ऐसे लोगों ने जरा खुद के ‘दायरे’ में ही रहना चाहिए. पूर्व सांसद नवनीत राणा के मुताबिक विगत विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक बार भी अमरावती निर्वाचन क्षेत्र का दौरा नहीं किया था, तो अमरावती में राकांपा प्रत्याशी की जैसे-तैसे ढाई-तीन हजार वोट से जीत हो गई. वहीं अगर वे एक बार भी अमरावती निर्वाचन क्षेत्र का दौरा कर लेती, तो राकांपा के उसी प्रत्याशी को अमरावती में कम से कम 10 हजार वोटों से हार का सामना करना पडा होता. ऐसे में हमे ‘शानपंती’ सिखाने से पहले ऐसे लोगों ने खुद अपनी स्थिति को देख लेना चाहिए.
* गाडगे नगर के दो ‘कटप्पा’ आज भी अंदर से मिले हुए
वहीं इस समय युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी दीपक साहू सम्राट के पक्ष में प्रचार करते हुए पार्टी के मुखिया व विधायक रवि राणा ने भी विलास नगर-मोरबाग प्रभाग की एक सीट पर वायएसपी प्रत्याशी दीपक साहू सम्राट व तीन सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए कहा कि, दीपक साहू सम्राट को इस प्रभाग की चौथी सीट पर भाजपा की ओर से प्रत्याशी बनाया जाना लगभग तय था. जिसके चलते हम सभी लोग दीपक साहू के नाम पर भाजपा का एबी फॉर्म जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे थे. लेकिन ऐन समय पर पता चला कि, उक्त एबी फॉर्म को कोई और ही लेकर भाग गया है. जिसके चलते दीपक साहू को युवा स्वाभिमान पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतारा गया. साथ ही विधायक रवि राणा ने कहा कि, एबी फॉर्म लेकर भागनेवाले ‘भगोडे’ व्यक्ति को अब क्षेत्र के मतदाताओं ने भी खुद से दूर भगा देना चाहिए. इसके अलावा विधायक राणा का कहना रहा कि, हमेशा ही ‘चमचागिरी’ करते हुए ‘चमकोगिरी’ करनेवाले ‘उस’ चौथे प्रत्याशी को भाजपा का टिकट दिलाने के पीछे गाडगे नगर क्षेत्र से वास्ता रखनेवाले दो ‘कटप्पा’ का हाथ है. जो ‘अंदरबट्टे’ में एक-दूसरे से मिले हुए है और अंदर ही अंदर भाजपा को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे है, ताकि उनकी ‘मोनोपल्ली’ चलती रहे. यही वजह है कि, उन दोनों ‘कटप्पा’ ने अपने-अपने व्यक्तिगत हितों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रभागों में अपनी-अपनी मर्जी के हिसाब से प्रत्याशी तय किए है, ताकि एक-दूसरे को फायदा पहुंचाया जा सके. लेकिन अमरावती की जनता सबकुछ अच्छे से देख और समझ रही है और उन दोनों ‘कटप्पा’ को अमरावती की जनता अपने वोटों के जरिए जवाब भी देगी. ध्यान दिलाया जा सकता है कि, गाडगे नगर के दो ‘कटप्पा’ शब्द की आड लेते हुए विधायक रवि राणा ने गाडगे नगर क्षेत्र से वास्ता रखनेवाले भाजपा नेता व पूर्व मंत्री प्रवीण पोटे पाटिल तथा राकांपा नेता व विधायक संजय खोडके को लेकर निशाना साधा और साफ शब्दों में कहा कि, इन दोनों नेताओं ने विगत लोकसभा चुनाव के समय भाजपा प्रत्याशी नवनीत राणा के पक्ष में कोई काम नहीं किया था, बल्कि नवनीत राणा को हराने का पूरा प्रयास किया था.
इसके साथ ही विधायक रवि राणा ने राकांपा नेता व विधायक संजय खोडके का बाकायदा नाम लेते हुए कहा कि, हाल ही में विधायक संजय खोडके ने पूर्व सांसद नवनीत राणा को औकात में रहने की सलाह दी है. जबकि पूर्व सांसद नवनीत राणा के सामने खुद विधायक संजय खोडके कीी कोई औकात नहीं है. वह तो गनिमत है कि, विगत विधानसभा चुनाव में राकांपा प्रत्याशी खोडके के खिलाफ चुनावी मैदान में प्रचार हेतु पूर्व सांसद नवनीत राणा नहीं उतरी थी, वर्ना राकांपा प्रत्याशी खोडके को 10 हजार नहीं, बल्कि कम से कम 25 हजार वोटों के फर्क से हारना पडता. इस समय विधायक राणा ने इशारों-इशारों में यह भी कहा कि, हमने तो अपनी ओर से ‘माचिस’ तैयार कर ली थी और सिर्फ ‘तीली’ जलाना ही बाकी था. अगर वैसा हो गया होता, तो खोडके को अपनी खुद की असलियत व औकात समझ में आ गए होते.





