इस बार ‘सिंधी पैटर्न’ ने सबको चौंकाया

एक ही प्रभाग की तीन सीटों पर निर्वाचित हुए सिंधी प्रत्याशी

* जवाहर स्टेडियम प्रभाग के नतीजों ने दिखाई सिंधी समाज की एकजुटता
* राजापेठ-संत कंवरराम तथा नई बस्ती बडनेरा में भी सिंधी समाज के 1-1 प्रत्याशी निर्वाचित
* मनपा के सदन में सिंधी समाज से कुल 5 पार्षद चुने गए, समाज की राजनीतिक ताकत बढी
अमरावती/दि.17 – अमरावती महानगर पालिका के चुनाव में इस बार ‘सिंधी पैटर्न’ ने सबको जबरदस्त तरीके से चौंका दिया है. विशेषकर प्रभाग क्र. 7 जवाहर स्टेडियम के चुनावी नतीजों ने एक तरह से सिंधी समाज की राजनीतिक सुझबूझ और सामाजिक एकता को पूरे शहर के सामने प्रखर तरीके से रखा है. क्योंकि इस अकेले प्रभाग की 4 में से 3 सीटों पर सिंधी समाज से वास्ता रखनेवाले प्रत्याशी निर्वाचित हुए है, जो अलग-अलग राजनीतिक दलों की ओर से प्रत्याशी थे. इसके साथ ही शहर के प्रभाग क्र. 18 राजापेठ-संत कंवरराम से वायएसपी प्रत्याशी महेश मुलचंदानी तथा प्रभाग क्र. 22 नई बस्ती बडनेरा से वायएसपी प्रत्याशी गौरी मेघवानी निर्वाचित हुए है, जो सिंधी समाज से वास्ता रखते है. जिसके चलते सिंधी समाज से वास्ता रखनेवाले कुल 5 प्रत्याशी अमरावती मनपा में निर्वाचित हुए है. जिसके चलते कहा जा सकता है कि, सिंधी समाज ने अपने प्रतिनिधियों को मनपा के सदन में भेजने का एक भी मौका हाथ से नहीं जाने दिया और समाज से वास्ता रखनेवाले कुल 5 प्रत्याशियों को सदन में भेजकर अमरावती महानगर पालिका में समाज की ताकत को जबरदस्त तरीके से बढा लिया है.
बता दें कि, अमरावती शहर के लिहाज से प्रभाग क्र. 7 जवाहर स्टेडियम की चारों सीटों को बेहद प्रतिष्ठापूर्ण माना जाता है तथा पुराना कॉटन मार्केट-शेगांव नाका की ओर जानेवाले कॉलेज रोड से लेकर सुंदरलाल चौक तक व्याप्ती रखनेवाले इस प्रभाग में रामपुरी कैम्प व कृष्णा नगर जैसे सिंधी बहुल इलाको सहित श्रीकृष्णपेठ, मांगीलाल प्लॉट व कैम्प जैसे शहर के संभ्रांत व प्रतिष्ठित क्षेत्रों का समावेश होता है. ऐसे में सभी राजनीतिक दलों ने इस प्रभाग की अलग-अलग सीटों पर दावेदार तय करते हुए सामाजिक संतुलन साधने का प्रयास किया था. साथ ही साथ इस प्रभाग की चारों सीटों पर सिंधी समाज से वास्ता रखनेवाले प्रत्याशी भी अलग-अलग दलों की ओर से चुनावी मैदान में थे. ऐसे में सिंधी समाज ने अपनी जबरदस्त राजनीतिक सुझबूझ का परिचय देते हुए किसी एक पार्टी के पैनल का समर्थन करने की बजाए अलग-अलग सीटों पर समाज से वास्ता रखनेवाले प्रत्याशियों का समर्थन करने का निर्णय लिया. जिसके चलते इस प्रभाग की ब-सीट से राकांपा के मनीष बजाज, क-सीट से शिंदे सेना की स्नेहा लुल्ला व ड-सीट से भाजपा के श्रीचंद तेजवानी ने चुनाव जीता. वहीं अ-सीट पर क्षेत्र की पूर्व पार्षद व भाजपा प्रत्याशी सोनाली नाईक अपने द्वारा किए गए कामों की बदौलत चुनाव जीतने में सफल रही. जिनकी एक खुशकिस्मती यह भी कहीं जा सकती है कि, उनके सामने सिंधी समाज से वास्ता रखनेवाले किसी दमदार प्रत्याशी की चुनौती नहीं थी, अन्यथा इस सीट पर भी सिंधी समाज से वास्ता रखनेवाले किसी दमदार प्रत्याशी की जीत निश्चित रुप से हो सकती थी. ऐसे में कहा जा सकता है कि, प्रभाग क्र. 7 में सिंधी समाज ने अपनी जबरदस्त राजनीतिक ताकत, एकजुटता व सुझबूझ का परिचय दिया है.
इसके अलावा प्रभाग क्र. 18 राजापेठ-संत कंवरराम से वायएसपी प्रत्याशी महेश मुलचंदानी तथा प्रभाग क्र. 22 नई बस्ती बडनेरा से वायएसपी प्रत्याशी गौरी मेघवानी भी चुनावी मैदान में थे, जो सिंधी समाज से वास्ता रखनेवाले सशक्त दावेदार रहे. ऐसे में इन दोनों प्रभागों के सिंधी भाषी मतदाताओं ने भी इस राजनीतिक अवसर को अपने हाथ से बिल्कुल भी नहीं जाने दिया और इन दोनों प्रत्याशियों को भी सदन में भेजते हुए मनपा के सदन में सिंधी समाज से वास्ता रखनेवाले प्रत्याशियों की संख्या को 5 पर पहुंचा दिया. जिसके चलते सिंधी समाज से वास्ता रखनेवाले इन ‘पंच प्यारो’ अथवा ‘पांच पांडव’ के चलते मनपा के सदन में सिंधी समाज की इस समय सशक्त उपस्थिती दिखाई दे रही है.

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