अमरावती-मोर्शी-वरूड मार्ग पर बंद हो टोल वसूली

पूर्व पार्षद प्रदीप बाजड ने उठाई मांग

अमरावती/दि.28 – अमरावती से मोर्शी-वरूड मार्ग पर खराब सड़कों के बावजूद जारी टोल वसूली के खिलाफ अब आवाज तेज हो गई है. शिवसेना के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं पूर्व पार्षद प्रदीप बाजड ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को ज्ञापन सौंपकर टोल वसूली तत्काल बंद करने की मांग की है.
पूर्व पार्षद प्रदीप बाजड द्वारा सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, नांदगांव पेठ स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिछले करीब 22 वर्षों से टोल वसूली जारी है. इसके अलावा, पिछले दो वर्षों में नांदगांव पेठ से मोर्शी-वरूड मार्ग पर दो नए टोल नाके शुरू कर वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है. इस ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यह मार्ग बेहद खराब स्थिति में है और निर्माण के बाद से ही इसमें लगातार बड़ी दरारें पड़ रही हैं. कई स्थानों पर सड़क टूट चुकी है, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है. विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग जानलेवा साबित हो रहा है.
इसके साथ ही पूर्व पार्षद प्रदीप बाजड ने सड़क निर्माण में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कई गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने पूछा कि खराब निर्माण करने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई, दोष दायित्व अवधि के बावजूद मरम्मत क्यों नहीं कराई गई, सुरक्षा जमा राशि जब्त क्यों नहीं की गई, नए ठेकेदार की नियुक्ति किन परिस्थितियों में की गई. उन्होंने टोल वसूली को पूरी तरह से अवैध बताते हुए यह भी कहा कि जब तक सड़क पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो जाती, तब तक टोल वसूली जारी रखना अनुचित और अवैध है. साथ ही, टोल नाकों के बीच निर्धारित 50 किलोमीटर की दूरी का भी पालन नहीं किया जा रहा है.
इसके अलावा पूर्व पार्षद प्रदीप बाजड ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन किया जाएगा. इसके बावजूद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो मामले को उच्च न्यायालय में ले जाया जाएगा. ऐसे में अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाता है.

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