
-
एफडीए की कार्रवाई से मेडिकल व्यवसायियोें में हडकंप
अमरावती/प्रतिनिधि दि.23 – स्थानीय अन्न व औषधी प्रशासन विभाग द्वारा जारी आर्थिक वर्ष के दौरान मार्च से अक्तूबर माह तक जिले में 85 मेडिकल व्यवसायियों को डॉक्टरों के प्रिस्क्रीप्शन के बिना नींद की गोलियों व शक्तिवर्धक दवाईयों की बिक्री करने के मामले में शो-कॉज नोटीस जारी की गई है. साथ ही इन मेडिकल व्यवसायियों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है. जिसके आधार पर एफडीए द्वारा अगली कार्रवाई की जायेगी. ऐसे में कई मेडिकल व्यवसायियों पर लाईसेन्स निलंबन की गाज गिर सकती है.
बता दें कि, अन्न व औषधी प्रशासन विभाग के सहआयुक्त उमेश घारोटे के मार्गदर्शन में औषधी निरीक्षक मनीष गोतमारे व स्वाती भरडे द्वारा विगत मार्च से जारी अक्तूबर माह के दौरान जिले में कुल 150 मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया गया. जिसमें 85 मेडिकल स्टोर में नियमबाह्य तरीके से काम जारी रहने की जानकारी सामने आयी. ऐसे में इन 85 मेडिकल स्टोर के संचालकों को शो-कॉज नोटीस जारी की गई. साथ ही सात मामलों में एफडीए द्वारा करीब 7 लाख, रूपये का माल भी जप्त किया गया.
इस संदर्भ में जानकारी देेते हुए एफडीए के सह आयुक्त उमेश घारोटे ने बताया कि, अमरावती जिले में 1 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर है. जिनकी एफडीए द्वारा नियमित जांच-पडताल की जाती है. साथ ही जिन मेडिकल स्टोर में नियमों का उल्लंघन होता पाया जाता है, वहां नियमानुसार कार्रवाई भी की जाती है. उन्होंने बताया कि, एफडीए द्वारा चलाये गये अभियान के दौरान कुछ मेडिकल स्टोर्स में फार्मासिस्ट भी उपलब्ध नहीं थे और कर्मचारियों द्वारा दवाईयों की बिक्री की जा रही थी. साथ ही कुछ स्थानों पर डॉक्टरों की परची के बिना नींद की गोलिया और शक्तिवर्धक दवाईयों की बिक्री हो रही थी. जिसके चलते कुल 85 लोगों को एफडीए द्वारा शो-कॉज नोटीस देते हुए उनका जवाब मांगा गया है और मेडिकल व्यवसायियों की ओर से जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई की दिशा तय की जायेगी.
-
मातोश्री डिस्ट्रीब्यूटर पर पडा छापा
– होलसेल लाईसेन्स पर व्हेटरनरी दवाओं की हो रही थी फूटकर बिक्री
वहीं विगत 14 अक्तूबर को एफडीए द्वारा नेहरू मैदान के सामने बग्गा मार्केट स्थित मातोश्री डिस्ट्रीब्यूटर नामक मेडिकल प्रतिष्ठान पर छापा मारा. इस प्रतिष्ठान के पास जानवरों पर प्रयुक्त होनेवाली दवाओं की होलसेल बिक्री का लाईसेन्स है. किंतु यहां पर इन दवाओं के नियमबाह्य तरीके से फूटकर बिक्री की जा रही थी. साथ ही यह प्रतिष्ठान लाईसेन्सधारक व्यक्ति की बजाय किसी अन्य व्यक्ति द्वारा चलाया जा रहा था. इस शिकायत के आधार पर एफडीए द्वारा यहां छापा मारा गया. साथ ही यहां से करीब 20 हजार रूपये मूल्य की जानवरों पर प्रयुक्त होनेवाली वैक्सीन भी जप्त की गई. जिसके सैम्पल जांच हेतु प्रयोगशाला में भिजवाये गये है. एफडीए द्वारा बताया गया कि, इस प्रतिष्ठान का लाईसेन्स किसी महिला के नाम पर है. जबकि वहां पर सक्षम व्यक्ति के तौर पर रविंद्र मेटकर नामक व्यक्ति काम संभाल रहा था और यह प्रतिष्ठान प्रमोद मेटकर नामक व्यक्ति के नाम है. ऐसे में इसे लाईसेन्स की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए एफडीए द्वारा इस प्रतिष्ठान पर औषधी सौंदर्य प्रसाधन कानून के तहत कार्रवाई की गई.