आसाराम बापू की सजा होगी स्थगित!
गुजरात हाईकोर्ट ने लिया सुनवाई शुरु करने का निर्णय

गांधी नगर/दि.15– स्वयंघोषित संघ आसाराम बापू की सजा के खिलाफ दायर की गई याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट ने सुनवाई शुरु करने का निर्णय लिया है. यह मामला वर्ष 2013 में दर्ज बलात्कार से संबंधित है. जिसे लेकर आसाराम बापू विगत करीब एक दशक से जेल में बंद रहकर सजा भुगत रहे है. ऐसे में आसाराम बापू की बढती आयु को देखते हुए अदालत ने इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है. जिसके चलते आगामी 4 अप्रैल से गुजरात हाईकोर्ट में आसाराम बापू की याचिका पर सुनवाई शुरु होगी.
बता दें कि, न्या. ए. एस. सुपेहिया और न्या. विमल व्यास की खंडपीठ के सामने आसाराम बापू की सजा को स्थगिती देने से संबंधित याचिका पर सुनवाई चल रही थी. इस समय बलात्कार की सजा के खिलाफ अपील पर सुनवाई करने को प्राथमिकता देना तय किया गया. न्या. सुपेहिया ने कहा कि, आसाराम बापू ने 10 साल जेल में बिता दिये है और अब वे 85 वर्ष के हो चुके है. ऐसे में सजा स्थगित करने से संबंधित उनकी याचिका की बजाय अदालत द्वारा मुख्य अपील पर ही सुनवाई की जाएगी. अदालत के मुताबिक मुख्य अपील और सजा स्थगित करने से संबंधित याचिका पर सुनवाई हेतु कालावधि तय है. ऐसी स्थिति में अदालत द्वारा 4 अप्रैल से मुख्य अपील पर सुनवाई की जाएगी और गर्मी की छुट्टियां शुरु होने से पहले सुनवाई करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ग्रीष्मावकाश के तुरंत बाद अदालत द्वारा इस मामले में अपने फैसला सुनाया जा सके.
ज्ञात रहे कि, आसाराम बापू को जनवरी 2023 में सूरत स्थित उनके आश्रम में उनकी महिला शिष्यों पर कई बार बलात्कार करने के मामले में गुजरात की ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया था. आसाराम बापू पर भादंवि की धारा 376 (बलात्कार), 377 (अनैसर्गिक लैंगिक संबंध), 354 (महिला की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना), 346 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 120-बी (अपराधिक साजीश) व 201 (सबूत नष्ट करना) के अंतर्गत अपराध दर्ज किये गये थे. हालांकि आसाराम बापू को दोषी ठहराये जाने का यह पहला मामला नहीं था, बल्कि लैंगिक अपराधों से संबंधित दो अलग-अलग मामलों में आसाराम बापू को पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है. जिसके लिए आसाराम बापू को जेल में बंद रखा गया है.