
अमरावती/दि.२४– तिवसा नगर पंचायत बीते कई दिनों से विविध समस्याओं को लेकर सुर्खियों में बनी हुई है. १५ दिनों आड अशुद्ध जलापूर्ति, अस्वच्छता बढने से डेंगू, मलेरिया, टायफाइड जैसे बीमारियों से मृत्यु के अलावा रोजाना इन बीमारियों के मरीज पाए जा रहे है. लेकिन नगर पंचायत प्रशासन की ओर से साफ सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. जिसके चलते लढा संगठन की ओर से तिवसा नगर पंचायत के सामने नारियल फोडो आंदोलन किया गया. वहीं एकदिवसीय सांकेतिक अनशन भी किया गया.
बता दें कि तिवसा शहर डेंगू की चपेट में आ चुका है. सरकार की ओर से लाखों रुपयों का निधि मिलने पर भी शहरवासियों को शुद्ध जलापूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है. इसके अलावा शहर में स्वच्छता की पूरी तरह से धज्जियां उड गयी है. डेंगू जैसी बीमारी से नागरिकों को निजात दिलाने के लिए नगर पंचायत के स्वास्थ्य व स्वच्छता विभाग की ओर से आवश्यक उपाययोजनाएं करनी चाहिए. लेकिन नगर पंचायत प्रशासन इसमें विफल साबित हो रही है. तिवसा नगर पंचायत पर रोजाना विविध पार्टीयों द्वारा आंदोलन किया जा रहा है. मंगलवार को भी लढा संगठन की ओर से एकदिवसीय सांकेतिक हडताल करने के साथ ही नप दरवाजे के पास नारियल फोडो आंदोलन किया गया.
इस आंदोलन में प्रशांत राऊत, सुधीर चौधरी, बाला देशमुख, पंकज खेडकर, शानू डागा, पृथ्वी काजी, विजू उंदरे, नरू पटेल, प्रवीण घाटोल, मंगेश ठाकुर, आदित्य ठाकरे, समीर लांडगे, अंकुश गायकवाड, विजू सपाटे, मोहन भुसारी, मोहन आवारे, विजू ढोले, प्रदीप घुरडे, आशीष बांबल, प्रवीण केने, दत्ता धस्कट, सागर धस्कट, सरपंच सुरेंद्र भिवगडे, सरपंच भूषण गाढे, मनोज गाढे, नरेंद्र काकडे, प्रकाश काकडे, राजा देशमुख, विजय शिरपुरकर, सतीश गावंडे, राजू कुबडे, तुलसीदास दफल, योगेश बायस्कर, संजय खांडेकर, पंकज धस्कट, गजू कडू, योगेश लोखंडे, गौरी देशमुख, लढा संगठन के संजय देशमुख आदि शामिल हुए.