पुलिस आयुक्तालय में बढा कन्वीक्शन रेट
शहर पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह की मेहनत का असर

अमरावती/प्रतिनिधि दि.३ – अमूमन ऐसा होता देखा जाता है कि, पुलिस द्वारा किसी भी मामले में बडी मेहनत के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है. किंतु बाद में वे अपराधी पुख्ता सबूतों का अभाव रहने के चलते अदालत से छूट जाते है. इस बात की ओर विशेष ध्यान देते हुए शहर पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने पुलिस द्वारा अदालत में पेश किए जानेवाली चार्जशिट को पूरे अध्ययन के साथ बनाने और पकडे गये आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत इकठ्ठा करते हुए अदालत में पेश करने पर विशेष ध्यान देना शुरू किया. यही वजह रही की अब धीरे-धीरे पुलिस द्वारा अदालत में भेजे जानेवाले मामलों में दोष सिध्द होने यानी कनविक्शन रेट में वृध्दि होती दिखाई दे रही है.
बता दें कि, विगत वर्ष जून माह के दौरान भारतीय दंड संहिता व विशेष कानून के तहत दोष सिध्दी का प्रमाण बेहद कम था और विगत वर्ष जनवरी से लेकर जून माह तक भादंवि के 50 फीसदी और विशेष कानून अंतर्गत 8 फीसदी मामलों में ही आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित हुए और उन्हें अदालत द्वारा सजा सुनाई गई. वहीं शहर पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह ने अमरावती शहर पुलिस आयुक्त के पद का जिम्मा संभालने के साथ ही शहर पुलिस के कामकाज के तरीके में काफी हद तक परिवर्तन किया और राज्य के अन्य क्षेत्रों की तुलना में अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय में सर्वाधिक अपराधिक मामलों को न केवल सुलझाया, बल्कि आरोपियों के खिलाफ अदालत में अपराध साबित हो सके, इस हेतु पुख्ता चार्जशिट अदालत में पेश करने को लेकर भी विशेष प्रयास किये. इसके लिए सीपी डॉ. आरती सिंह ने व्यक्तिगत रूप से वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों व पुलिस अमलदारों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें प्रलंबित अपराधिक मामलों को सुलझाने का लक्ष्य सौंपा था. साथ ही इस हेतु विशेष कार्यशाला का आयोजन करते हुए पुलिस महकमे ने उल्लेखनीय कार्य करनेवाले सभी जांच अधिकारियों व अमलदारों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित व प्रोत्साहित भी किया था. जिसकी वजह से पुलिस महकमे के कामकाज में काफी हद तक सुधार भी आया और इस साल जून माह में भादंवि से संबंधित 93.33 प्रतिशत तथा विशेष कानून से संबंधित शत-प्रतिशत मामलों को सफलतापूर्वक सुलझा लिया गया. वहीं जारी वर्ष में जनवरी से जून माह के दौरान शहर पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र अंतर्गत भादंवि से संबंधित 75 प्रतिशत तथा विशेष कानून से संबंधित 22 प्रतिशत मामलोें को सुलझाया गया है. यह शहर पुलिस आयुक्तालय की अपने आप में एक विशेष उपलब्धि है.
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साईबर सेल को भी किया गया चुस्त-दुरूस्त
इन दिनों आम अपराधों के साथ-साथ ऑनलाईन धोखाधडी जैसे साईबर अपराध भी काफी धडल्ले से घटित हो रहे है और लोगबाग बडे पैमाने पर ऑनलाईन ठगबाजी व फर्जीवाडे का शिकार हो रहे है. ऐसे अपराधों के खिलाफ आम शहरवासियों को जागरूक करने के साथ ही सीपी डॉ. आरती सिंह के मार्गदर्शन में साईबर सेल पुलिस थाने द्वारा ऐसे कई मामलों को सफलतापूर्वक सुलझाया गया. इसके साथ ही समय-समय पर लोगों को जागरूक करने हेतु जारी किये जानेवाले अलर्ट में सीपी डॉ. आरती सिंह द्वारा बताया गया कि, इन दिनों किसानों को उनके खेतों में जीयो टॉवर लगाने का झांसा देते हुए टॉवर लगाने के बाद प्रति माह 90 हजार रूपये की आय होने का लालच दिया जा रहा है. जिसके बाद झांसे में फंस जानेवाले लोगों से प्रोसेसिंग फीस, पंजीयन शुल्क व फॉर्म के नाम पर रकम ऐठी जाती है. एक बार रकम ट्रान्सफर करने के बाद कॉल करनेवाले व्यक्ति द्वारा अपने मोबाईल नंबर को स्वीच ऑफ कर दिया जाता है और पैसे भेजनेवाले व्यक्ति के पास सिवाय पछताने के और कोई पर्याय नहीं बचता. ऐसे में बेहद जरूरी है कि, किसी भी अंजान नंबर से आनेवाली कॉल को प्रतिसाद न दिया जाये. साथ ही किसी भी अंजान व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल या संपत्ति से संबंधित जानकारी न दी जाये.
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पोना विशाल यादव का विदेश सेवा हेतु चयन
केंद्रीय विदेश मंत्रालय द्वारा उत्कृष्ट सेवा प्रदान करनेवाले पुलिस अधिकारियों व अमलदारों का चयन करते हुए उन्हें अपने सुरक्षा कार्यालय से संलग्न कर विदेश में सेवा देने हेतु भेजा जाता है. जिसके तहत अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय की साईबर सेल में कार्यरत पुलिस नायक विशाल यादव का विदेश सेवा हेतु चयन किया गया है. बता दें कि, इस समय महाराष्ट्र के कई पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का इस तरह चयन होकर उन्हें विदेशों में सेवा हेतु तैनात किया गया है. जिनमें अमरावती शहर पुलिस आयुक्तालय के पोकां संग्राम भोजने व पोकां प्रेमसिंह ठाकुर का भी समावेश है. वहीं अब नापोकां विशाल यादव को विदेश मंत्रालय द्वारा ब्युरो ऑफ सिक्युरिटी कार्यालय में तैनात होने का आदेश दिया गया है. ऐसे में शहर पुलिस आयुक्त डॉ. आरती सिंह ने नापोकां विशाल यादव को भविष्य हेतु शुभकामनाएं देते हुए केंद्रीय विदेश मंत्रालय के अंतर्गत विदेश जाकर सेवा देने के लिए शहर पुलिस आयुक्तालय से कार्यमुक्त किया है.