
मुंबई/दि.21- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर आपात बैठक आहुत की है. जिसके लिए आज दोपहर सह्याद्री अतिथिगृह पर मंत्रीगण के साथ कानून के सलाहकार भी पहुंचने की खबर है. ज्ञात हो कि राज्य सरकार की पुनर्विचार याचिका गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय ेने ठूकरा दी. जिससे राज्य में मराठा आरक्षण लागू होने की संभावना कम हो गई. वरिष्ठ न्यायमूर्ति एम.आर. शाह, न्या. संजीव खन्ना, न्या. भूषण गवई, न्या. रवींद्र भट और न्या. राम सुभ्रमण्यम ने राज्य सरकार की अर्जी ठूकरा दी थी. जिससे उपजी स्थिति पर चर्चा करने और दोबारा कानूनी लडाई पर विचार करने बैठक आहूत की गई है.
सीएम शिंदे ने स्पष्ट कर दिया कि, मराठा आरक्षण का मार्ग बंद नहीं हुआ है. सरकार पहले आदेश बाद आरक्षण में जो खामिया निकाली है, उसे दूर करने का प्रयास होगा. शिंदे ने बताया कि, याचिका दाखिल करते समय ही उस समय के न्या. भोसले आयोग ने कहा था कि, पुनर्विचार याचिका मान्य होने की संभावना कम है.
इस बीच आज की बैठक में शंभूराज देसाई, उदय सामंत, चंद्रकांत पाटिल सहित अनेक मंत्री उपस्थित है. संबंधित विभाग के अधिकारी और कानून विशेषज्ञ भी उपस्थित है. आगे कानूनी लडाई के बारे में बैठक में चर्चा हो रही है.
सीएम शिंदे ने स्पष्ट किया कि, मराठा आरक्षण हेतु सरकार कटिबद्ध है. आरक्षण के लिए जो करना पडेगा, उनकी सरकार अवश्य करेगी. मराठा को 13 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था. वह हाईकोर्ट में कायम रहा. किंतु उच्चतम न्यायालय में खारिज हो गया. ताजा आदेश में न्यायालय ने पुन: विचार याचिका भी नामंजूर की है.