
मुंबई/दि.24- विदर्भ क्षेत्र के लिए अधिकारपूर्ण रहनेवाले राज्य विधान मंडल के शीतसत्र को नागपुर की बजाय मुंबई में आयोजीत करते हुए महाविकास आघाडी सरकार और मातोश्री निवासी मुख्यमंत्री ठाकरे ने वैदर्भिय जनता का अपमान किया है. साथ ही इस अधिवेशन में भी विदर्भ क्षेत्र के साथ भेदभाव व पक्षपातपूर्ण रवैय्या अपनाया गया. जिसकी वजह से इस शीत सत्र में विदर्भ क्षेत्र की जनता के हितों के लिए कोई सकारात्मक फैसला नहीं हुआ. इस आशय का प्रतिपादन बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र के विधायक रवि राणा द्वारा विधानसभा में किया गया.
विधानसभा की कार्रवाई में हिस्सा लेते हुए विधायक रवि राणा ने कहा कि, विगत दो वर्ष के दौरान सीएम उध्दव ठाकरे को एक बार भी विदर्भ परिसर का दौरा करने तथा किसानों सहित आम नागरिकों के सुख-दुख को जानने की फुरसत नहीं मिली. जबकि इस दौरान विदर्भ क्षेत्र में अतिवृष्टि व प्रतिकुल मौसम की वजह से किसानों का काफी नुकसान हुआ. परंतू उन्हें राज्य सरकार द्वारा घोषित किये गये 11500 करोड रूपयों के पैकेज में से एक रूपया भी प्राप्त नहीं हुआ. जिसकी वजह से विदर्भ क्षेत्र में किसान आत्महत्याओं के मामले बढ गये है. किंतु मुख्यमंत्री उध्दव ठाकरे सहित राज्य सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है. इसके अलावा विधायक राणा ने रापनि हडताल को जल्द से जल्द हल किये जाने की मांग करने के साथ ही अन्य कई विषयों को लेकर भी विधानसभा में अपने विचार रखे.