‘सुपर’ में पहुंचा प्री-फैब हॉस्पिटल का सामान
पीएसए ऑक्सिजन प्लांट का भी साहित्य पहुंचा

-
15 जुलाई तक 100 बेड का अस्पताल व ऑक्सिजन निर्मिती प्लांट हो जायेंगे शुरू
-
चेन्नई से 10 ट्रकों में भरकर लाया गया साजो-सामान
अमरावती/प्रतिनिधि दि.8 – स्थानीय सुपर कोविड अस्पताल में इंडो-अमरीकन फाउंडेशन के आर्थिक सहयोग से 100 बेड की क्षमतावाला अपनी तरह का अनूठा प्री-फैब हॉस्पिटल बनाया जा रहा है. जिसके पहले से तैयार छोटे-छोटे हिस्से और ढांचे गुरूवार को चेन्नई से 10 ट्रकों में भरकर अमरावती लाये गये. साथ ही प्रेशर स्वींग एडझॉप्शन (PCA) ऑक्सिजन निर्मिती प्लांट से संबंधित साहित्य भी अमरावती पहुंच गया. जिसके चलते अब सुपर स्पेशालीटी अस्पताल में 100 बेड की क्षमतावाला नया अस्पताल बनाने और ऑक्सिजन निर्मिती प्लांट स्थापित करने का काम शुरू किया गया है.
बता दें कि, विगत दिनों अमरावती शहर सहित जिले में कोविड संक्रमित मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृध्दि हो रही थी और सुपर कोविड अस्पताल में मरीजों को भरती करने के लिए बेड व जगह कम पडने लगी थी. जिसके चलते जिला पालकमंत्री यशोमति ठाकुर तथा जिलाधीश शैलेश नवाल द्वारा तमाम आवश्यक प्रयास शुरू किये गये. जिन्हें इंडो-अमरीकन फाउंडेशन का साथ मिला और इस फाउंडेशन द्वारा सुपर स्पेशालीटी अस्पताल परिसर में 100 बेड की क्षमतावाला प्री-फैब अस्पताल बनाने पर सहमति प्रदान की गई. इसके तहत यहां पर 35 बेड का आयसीयू वॉर्ड बनाया जायेगा. इस प्री-फैब अस्पताल को बनाने हेतु लगनेवाली तमाम सामग्री गुरूवार 8 जुलाई को चेन्नई से 10 ट्रकों के जरिये अमरावती के सुपर कोविड अस्पताल पहुंची है. जहां पर एक हिस्सें में खाली पडी जमीन के समतलीकरण का काम शुरू किया गया है और आगामी एक सप्ताह के भीतर यहां पर 100 बेड की क्षमतावाला प्री-फैब अस्पताल बनकर तैयार हो जायेगा.
-
पांच वर्ष तक काम करेगा प्री-फैब हॉस्पिटल
इस अस्पताल की खासियत यह है कि, यह एक तरह का फोल्डींग अस्पताल है. जिसे महज आठ से दस दिनों के भीतर एक स्थान से पूरी तरह खोलकर दूसरे स्थान पर स्थापित किया जा सकता है. कुछ इसी तकनीक का प्रयोग करते हुए चीन द्वारा बेहद कम समय में 10 हजार बेड का अस्पताल तैयार किया गया था. लगभग उसी तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अब भारत में भी प्री-फैब अस्पताल बनाने की तकनीक पर अमल किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में कहीं पर भी अस्पताल की सुविधा उपलब्ध करायी जा सकेगी. जानकारी के मुताबिक इंडो-अमरीकन फाउंडेशन के सहयोग से सुपर कोविड अस्पताल में स्थापित किया जानेवाला प्री-फैब हॉस्पिटल यहां करीब पांच वर्ष तक कार्यरत रहेगा और इस अस्पताल में वेंटिलेटर बेड, ऑक्सिजन बेड व ऑक्सिजन पाईपलाईन जैसी तमाम व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेगी.
-
पीएसए यूनिट से प्रति मिनट मिलेगी 1500 लीटर ऑक्सिजन
वहीं सुपर कोविड अस्पताल में स्थापित किये जा रहे पीएसए ऑक्सिजन निर्मिती प्लांट से प्रति मिनट 1 हजार 500 लीटर ऑक्सिजन की प्राप्ती की जा सकेगी. यह प्लांट हवा में मौजूद ऑक्सिजन को खींचेगा. जिसे गंभीर स्थिति में रहनेवाले मरीजों के लिए उपलब्ध कराया जायेगा. बता दें कि, कोविड संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सिजन सिलेंडर व ऑक्सिजन बेड की भी काफी किल्लत देखी गई थी. ऐसे में सरकार द्वारा सभी कोविड अस्पतालों में ऑक्सिजन निर्मिती प्लांट स्थापित करने का काम शुरू किया गया. साथ ही साथ सभी बडे सरकारी अस्पतालोें में ऑक्सिजन संग्रहण की क्षमता भी उपलब्ध करायी गयी, ताकि गंभीर स्थितिवाले मरीजों के लिए समूचित मात्रा में ऑक्सिजन उपलब्ध कराया जा सके.