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मां के निधन के बावजूद शिंदे इलेक्शन ड्यूटी पर

अंतिम शब्द कदाचित जिंदगी भर रहेंगे याद

* कहा था – बेटा घबरा मत, मतदान का काम होने तक मुझे कुछ नहीं होगा
नाशिक/दि. 20 – नाशिक पश्चिम विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव अधिकारी नायब तहसीलदार हरिभाऊ शिंदे अपने मां के निधन पश्चात गोदामाई में अस्थी विसर्जन कर ड्यूटी पर हाजिर हो गए. जिसकी सर्वत्र प्रशंसा हो रही है. लोग शिंदे की माताजी के निधन के कारण शोक व्यक्त कर रहे हैं, किंतु उनकी कर्तव्यपरायणता की भी तारीफ कर रहे हैं. इस बीच शिंदे को अपनी माताजी के अंतिम शब्द शायद जिंदगी भर नहीं भूलेंगे. उनकी माताजी ने तबियत काफी बिगड जाने के बावजूद शिंदे को अपने कर्तव्य पर जाने के लिए यह कहते हुए प्रेरित किया कि, वह न घबराएं. मतदान का काम होने तक उन्हें कुछ नहीं होगा.
उल्लेखनीय है कि, चुनाव ड्यूटी से आज भी कई अधिकारी और कर्मचारी दूर रहना चाहते हैं. नाना प्रकार के बहाने गढते हैं. कई बार उच्चाधिकारियों को मतदान और चुनाव ड्यूटी के लिए अपने मातहतों पर प्रेशर लाना पडता है. ऐसे में हरिभाऊ शिंदे जैसे अधिकारी दुर्लभ कहें जा सकते हैं. निफाड तहसील के महाजनपुर निवासी शिंदे का बालपन गांव में ही बीता. उनकी माताजी लक्ष्मीदेवी और पिता विनायक शिंदे है. पिता के पास 6 एकड खेती रही. घर में हरिभाऊ को तीन भाई गोविंद, माधव व दिगंबर एवं बहन मंदाकिनी है. संयुक्त परिवार में मां की इच्छा पर हरिभाऊ वकील बने. फिर राजस्व विभाग में पटवारी के रुप में जॉईन हुए. देवला, कलवण व सुरगाणा में नौकरी करने पर नायब तहसीलदार के रुप में नाशिक पश्चिम में विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी संभाल रहे है. 81 बरस की माताजी लक्ष्मीबाई का गुरुवार दोपहर निधन हो गया. उसके बावजूद शनिवार से हरिभाऊ शिंदे ने अपनी चुनावी ड्यूटी संभाल ली. आज इस बारे में जिक्र करने पर हरिभाऊ की आंखें भर आती है.

 

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