
* तीन से पांच वर्ष के लिए दिया जायेगा ठेका
मुंबई/दि.22- महज एक वर्ष की अवधि के लिए दिये जानेवाले रेती घाटों के ठेके में रेत उत्खनन को लेकर कई तरह की दिक्कतें सामने आती है. ऐसे में अब तीन से पांच वर्ष की कालावधी के लिए रेती घाटों की नीलामी की जायेगी. इस आशय की जानकारी राज्य के राजस्व मंत्री बालासाहब थोरात द्वारा दी गई. उन्होेंने बताया कि, सहज तरीके से पूरा समय रेती उपलब्ध करवाने हेतु इससे संबंधित नीतियों में बदलाव किया गया है और राज्य में विगत कुछ माह से बंद पडे रेती घाटों की नीलामी को अब दुबारा शुरू करने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है.
इसी नई नीति के संदर्भ में गत रोज राजस्व मंत्री थोरात ने मीडिया के साथ संवाद साधा. जिसमें उन्होंने कहा कि, रेती उत्खनन करने हेतु विविध विभागों की अनुमतियां प्राप्त करना अनिवार्य होता है, जिसमें कई माह का समय भी लग जाता है. ऐसे में नीलामी के तहत ठेका मिलते ही तुरंत रेती का उत्खनन करना ठेकेदार के लिए संभव नहीं हो पाता और उन्हें रेती उत्खनन के लिए काफी कम समय मिलता है. इस बात को ध्यान में रखते हुए अब तीन से पांच वर्ष की कालावधि के लिए ठेकेदारोें से करार किये जायेंगे. साथ ही मांग की तुलना में रेती की सस्ती दरों पर आपूर्ति की जायेगी. हालांकि इससे राज्य सरकार के राजस्व में कमी होगी, लेकिन इससे रेती चोरी को रोका जा सकेगा. थोरात के मुताबिक पर्यावरण से संबंधी सभी घटकों से चर्चा करने के बाद उनके विचारों के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया है. जिस पर बेहद कडाई के साथ अमल किया जायेगा और रेती उत्खनन को लेकर समूचे राज्य में समानता लायी जायेगी.