मंत्री व सांसद को भी हाथ खींचकर बूथ क्षेत्र में ले जा सकेेंगे सूर्यवंशी
9408 बूथों पर 51 प्रतिशत वोट कमल के लाने का प्रयास

* भाजपा ने दी सात संसदीय और 30 विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी
* सुपर वारियर से भी बढकर तथा सभी चुनावों का दायित्व
अमरावती / दि.5– भारतीय जनता पार्टी के बारे में कहा जाता है कि यह दल हमेशा चुनावी मोड पर रहता है. ऐसे दल की कार्यप्रणाली भी बदलती रहती है. अब बूथ संभालनेवाले वारियर और सुपर वारियर के उपर संयोजक के रूप में अमरावती के प्रा. दिनेश सूर्यवंशी का मनोनयन किया गया है. सूर्यवंशी से इस नियुक्ति और दायित्व के बारे में अमरावती मंडल ने बातचीत की. भाजयुमो के माध्यम से राजनीतिक क्षेत्र में आए सूर्यवंशी ने संपूर्ण कार्यक्रम और रणनीति के बारे में बतलाया. पार्टी ने उन पर विश्वास व्यक्त किया, इसलिए वे पार्टी के प्रति आभार भी व्यक्त करते हैं. किंतु अपने कार्य के प्रति निष्ठावान रहते हुए उन्होंने सभी के साथ, सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है. जिम्मेदारी के साथ साथ सूर्यवंशी को निर्धारित बूथ क्षेत्र में लोगों के कार्य, समस्या निराकरण के लिए हाथ पकडकर मंत्री अथवा सांसद अथवा विधायक को ले जाने का अधिकार भी मिला है.
* पूरे वर्ष की जिम्मेदारी
प्रा. सूर्यवंशी ने बताया कि उनकी नियुक्ति अगले पूरे वर्ष अर्थात जनवरी 2025 तक है. इस दौरान होनेवाले लोकसभा, राज्य विधानसभा उपरांत स्थानीय निकाय, जिला परिषद, ग्राम पंचायत सभी चुनाव की जिम्मेदारी उन पर दी गई है. इसके लिए उन्होंने निश्चित ही पार्टी लाइन पर आधारित योजना व रणनीति बनाई है.
* कितना बडा दायित्व
सूर्यवंशी ने बताया कि उन्हें दिए गये 9408 मतदान केंद्र 30 विधानसभा क्षेत्र एवं 7 संसदीय क्षेत्र में फैले हैं. अमरावती संभाग के अलावा चंद्रपुर, रावेर, वर्धा, हिंगोली लोकसभा क्षेत्रों के भी बूथ उनके अंतर्गत हैं. यहां भाजपा का वोट प्रतिशत 51 तक ले जाने का उनका लक्ष्य है. इसके लिए वे बूथ वारियर, पाना प्रमुख, शक्ति केन्द्र प्रमुख सभी को साथ लेकर, समन्वय से काम करने का मानस रखते हैं. बता दे कि पार्टी ने सूर्यवंशी को इतने अधिकार दे रखे हैं कि उनकी रिपोर्ट पर उम्मीदवार भी बदले जा सकेंगे.
* कार्य बडा, वातावरण भी पोषक
भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें दिया गया दायित्व निश्चित ही महत है. किंतु सौभाग्य से देश में भारतीय जनता पार्टी के लिए वातावरण पोषक है. मोदी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं ने कमाल किया है. हाल के तीन राज्यों के चुनाव परिणामों से यह बात अधोरेखित भी हुई है. इसलिए प्रत्येक बूथ पर भाजपा को 20 से लेकर 35-40 प्रतिशत तक वोट प्राप्त हो रहे हैं. बेशक कहीं- कहीं 90 प्रतिशत वोटिंग भी भाजपा के फेवर में हो रहा है और कही-कहीं यह आंकडा महज 5-10 प्रतिशत ही है. इसलिए इस आंकडे को 51 प्रतिशत तक ले जाना उनका टास्क है. केंद्र सरकार की अनेकानेक कल्याणकारी योजनाओं का उस बूथ क्षेत्र में कितना लाभ पहुंचा, यह भी सूर्यवंशी और उनकी टीम चेक करेगी. लाभार्थियों को भाजपा अर्थात कमल को वोट देने प्रेरित किया जायेगा.
* प्रत्येक बूथ पर 11 की समिति
सूर्यवंशी के अनुसार प्रत्येक बूथ पर पार्टी ने 11-11 कार्यकर्ताओं की समिति बनाई है. उनके कार्य में मदद करने केयरटेकर अर्थात पालक देना, बूथ कार्यकर्ता को सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर लोगों को लाभार्थी बनाना. उन्हें बताना कि यह सब मोदी जी ने संभव किया है. इसके अलावा बिजली, पानी, सडक, उज्वला योजना के लाभ बताना एवं लाभार्थी को कमल को वोट देने प्रेरित करना का काम शामिल है. कोरोना के समय से करोडों परिवारों को नि:शुल्क राशन भी दिया जा रहा है. वह भी मोदी जी के कारण होने की बात वोटर्स को बताना जरूरी है.
* मंत्री, सांसद को ले जायेंगे
प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी के बडे समय तक सदस्य रहे और जिले में विभिन्न अध्यक्ष के अंतर्गत महासचिव का कार्य प्रभावी कर चुके सूर्यवंशी ने बताया कि बूथ क्षेत्र के कार्यकर्ताओं के आवाहन पर जरूरत पडी तो क्षेत्र में भाजपा के मंत्री, सांसद, विधायक को हाथ पकडकर ले जा कर लोगों से मिलवायेंगे. उनकी समस्या की सुनवाई होगी. उसे हल करने का प्रयत्न होगा.
* बावनकुले और फडणवीस को भी बूथ के पालकत्व
प्रा. सूर्यवंशी ने बताया कि भाजपा की शक्ति और रणनीति हैं. जिसके बदौलत वे किसी मतदान केंद्र क्षेत्र में लोगों से मिलाने प्रदेशाध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी सुपर वारियर्स ले जा सकते हैं. इन दोनों नेताओं बावनकुले एवं फडणवीस भी अपने क्षेत्र में तीन-तीन बूथ का पालकत्व लेंगे. अर्थात बूथ पर निगरानी रखेंगे. तीन-तीन हजार वोटर्स से संपर्क में रहेंगे.
* परसों से बैठकों के दौर
भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री और किसान मोर्चा के महामंत्री रहे सूर्यवंशी ने 4 वर्षो तक जिलाध्यक्ष पद भी संभाला हैं. उनके परिवार में पत्नी स्मिता सूर्यवंशी, दो पुत्र अभय एवं जयेश हैं. अभय एमबीए कर चुके हैं. जयेश पुणे में बीई कर रहे हैं. उनके बडे भाई गणेश सूर्यंवंशी तहसीलदार के रूप में सेवा दे चुके हैं. सूर्यवंशी ने बताया कि परसों 7 जनवरी से बैठकों के दौर आरंभ हो जायेंगे. सभी को साथ लेकर उन्हें दी गई स्वतंत्रता का पार्टी हित में कार्य होगा.् जहां जरूरत होगी वहां संघ परिवार की मदद लेंगे. छोटी-छोटी बातों पर उनका लक्ष्य रहेगा. क्योंकि उनका मानना है कि छोटे- छोटे कार्य करने से बडे कार्य स्वयंमेव हो जाते हैं. प्रतिस्पर्धी कोई भी हो भाजपा प्रत्याशी की विजय सुनिश्चित करने के साथ 51 प्रतिशत वोट प्राप्त करने का प्रयत्न होगा.
* लोगों की शिकायतों की सुनवाई
सूर्यवंशी ने बहुत ही स्पष्ट कहा कि पार्टी के कुछ नेताओं, उम्मीदवारों से लोगों को शिकायतें भी होगी. उनकी सुनवाई होगी. शिकायत का निवारण का प्रयत्न होगा. बेशक हमारी खामियों को सुना जायेगा. उसे दूर करने का प्रयत्न होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रत्येक माह के अंतिम रविवार होनेवाली मन की बात बूथ क्षेत्र में सुनाने के साथ उस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं का परीक्षण भी एक प्रकार से हो जायेगा.