ठेका नियुक्त शिक्षक भर्ती से बच्चों को पढाई होगी क्या?
विधायक यशोमती ठाकुर का सरकार से संतप्त सवाल

नागपुर/ दि.28 – सरकार व्दारा महाराष्ट्र की जिला परिषदों में ठेका तत्व पर शिक्षकों की भर्ती की जा रही है, परंतु ऐसी अस्थाई नियुक्ति के जरिये इन शालाओं में पढने वाले बच्चों को सच में शिक्षा का लाभ मिल सकता है क्या? इस आशय का संतप्त सवाल अमरावती की पूर्व पालकमंत्री व कांग्रेस विधायक यशोमती ठाकुर व्दारा उपस्थित किया गया.
नागपुर विधान भवन में चल रहे विधान मंडल के शित सत्र के दौरान विधान सभा में शिक्षा का अधिकार विषय को लेकर हुई चर्चा में विधायक यशोमती ठाकुर ने कहा कि जब तक नियमित शिक्षक भर्ती नहीं होती, तब तक सरकार इसी तरह ठेका नियुक्ति या किसी अन्य तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति करने वाली है क्या? इसके साथ ही विधायक ठाकुर ने यह भी कहा कि, महाराष्ट्र के कई गांवों की जिला परिषद शालाओं में पटसंख्या के लिहाज से पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध नहीं है और देखते ही देखते जारी शैक्षणिक वर्ष खत्म होने की ओर अग्रसर है. इससे पहले राज्य सरकार ने इस विषय के संदर्भ में फैसला लेना चाहिए. क्योंकि ठेका नियुक्ति पध्दति से की जाने वाली शिक्षक नियुक्ति के जरिये शिक्षा के उद्देश्यों को पूर्ण नहीं किया जा सकता. इसके साथ ही विधायक यशोमती ठाकुर ने यह भी कहा कि, इससे पहले महाविकास आघाडी सरकार ने जिला नियोजन व विकास समिति की कुल निधि में से 4 फीसदी निधि को शिक्षा पर खर्च करने का निर्णय लिया था. जिसके तहत शाला की ईमारत को दुरुस्त करने तथा शाला में मूलभूत सुविधाएं व अन्य साहित्य उपलब्ध कराने के लिए इस 4 फीसदी निधि का उपयोग किया जा रहा था. क्या मौजूदा सरकार व्दारा भी इस फैसले को कायम रखा जाएगा.