कल खग्रास चंद्रग्रहण, मानव जीवन पर असर नहीं
कब कम होगी अंधश्रद्धा!

अमरावती /दि.2- खगोल प्रेमियों के लिए कल मंगलवार 3 मार्च का दिन अवकाश निहारने का विशेष अवसर बनकर आया है. चंद्रग्रहण का नजारा आकाश में देखने मिलेगा. भारत में यह ग्रस्तोंदित चंद्रग्रहण रहेगा. वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों ने बताया कि, चंद्रग्रहण एक सामान्य खगोल घटना है. उसका मानव जीवन पर कोई असर नहीं होता. उन्होंने लोगों से इस विषय में कदापि अंधश्रद्धा न पालने की अपील भी की.
ग्रहण दौरान खाना-पीना नहीं चाहिए, गर्भवती स्त्रीयों को बाहर नहीं निकलना चाहिए, ग्रहण काल पूर्ण होने के बाद नहाना चाहिए, दान-धर्म और कर्मकांड की बातें है. खगोल विशेषज्ञों ने इन बातों का विज्ञान से कोई लेना-देना नहीं होने का दावा किया. मराठी विज्ञान परिषद के प्रवीण गुल्हाने और शौकिया खगोल अध्ययनकर्ता विजय गिरुलकर ने बताया कि, भारत में ग्रहण का स्पर्श और मध्य नहीं दिखाई देगा. केवल अंतिम चरण दिखाई देगा. असम, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल के कुछ भागों से ग्रहण का मोक्ष स्पष्ट दिखाई देने की जानकारी उन्होंने दी. यह भी बताया कि, चंद्रोदय होते समय वह अंशत: ढका हुआ अर्थात ग्रहण की स्थिति में नजर आएगा.
विजय गिरुलकर ने बताया कि, ग्रहण मात्र सूर्य, पृथ्वी और चंद्र की छायाओं का खेल है. यह प्राकृतिक घटना नियमित अंतराल पर होती है. समाजमन में व्याप्त ग्रहण संबंधी अंधश्रद्धा को विज्ञान में कोई आधार नहीं है.





