अब चिखलदरा के घने जंगलों में पूरी रात बिता सकेंगे सैलानी

वन विभाग ने कुंभी बल्डा व लाँग पॉइंट पर बनाई उंची मचाने

* मचानों में निवास के साथ ही भोजन की भी शानदार व्यवस्था
* रात के समय पानी की तलाश में निलकने वाले वन्य प्राणियों का खुली आंखों से होगा दर्शन
चिखलदरा /दि.18- अपने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही पौराणिक इतिहास के लिए विख्यात रहनेवाले पर्यटन नगरी चिखलदरा को विदर्भ का कश्मीर कहा जाता है, जहां पर आकर घुमने-फिरने हेतु पर्यटक हमेशा ही लालायित रहते है और यहां के घने जंगलों में रुककर वहां विचरण करनेवाले वन्य प्राणियों को भी अपनी आंखों से देखना चाहते है. हालांकि किसी को भी चिखलदरा के परिसर में स्थित संरक्षित व अति संरक्षित जंगलों में जाने की अनुमति नहीं है. परंतु वन विभाग द्वारा जिप्सी वाहन के जरिए चलाई जाती जंगल सफारी के जरिए पर्यटकों को घने जंगल में घुमाया जाता है और इस जंगल सफारी के दौरान कई बार बाघ व भालू जैसे वन्य प्राणियों के दर्शन पर्यटकों को हो जाते है. वहीं अब वन विभाग द्वारा चिखलदरा में पर्यटकों के लिए और भी शानदार सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही है. जिसके तहत वनसंरक्षक रेड्डी व उपवनसंरक्षक डिगोले की संकल्पना से आमझरी पर्यटन संकुल अंतर्गत कुंभी बल्डा व लाँग पॉइंट पर घने जंगल के बीच 20-20 फीट उंची 8 मचाने बनाई गई है, जहां पर पर्यटक पूरी रात रुक सकेंगे और रात के समय जंगल में पानी की तलाश हेतु निकलने वाले वन्य प्राणियों को भी अपनी आंखों से देख सकेंगे.
इस संदर्भ में जानकारी देते हुए उपवनसंरक्षक डिगोले ने बताया कि, वन विभाग द्वारा जंगल में जगह-जगह पर वन्य प्राणियों के लिए कृत्रिम जलस्त्रोत बनाए गए है. जहां पर रात के समय वन्य प्राणी पानी पिने के लिए पहुंचते है. ऐसे ही कुछ खास कृत्रिम स्त्रोतों के आसपास वन विभाग द्वारा 20-20 फीट उंची मचाने बनाई गई है, जहां पर टॉयलेट व बाथरुम की सुविधा वाले कमरे उपलब्ध कराए गए है. साथ ही उन मचानों पर रातभर रुकनेवाले पर्यटकों हेतु वन विभाग की ओर से भोजन की भी व्यवस्था की जाती है. जिसके चलते जंगल में रातभर रुकने एवं रात के समय वन्य प्राणियों को अपनी आंखों से देखने का अनुभव लेने हेतु पहुंचनेवाले पर्यटकों के लिए अब चिखलदरा वन विभाग अंतर्गत कुंभी बल्डा व लाँग पॉइंट में रोमांचकारी अनुभव का अवसर उपलब्ध है.
इस जानकारी के साथ ही डीएफओ डिगोले ने बताया कि, मेलघाट व्याघ्र प्रकल्प एवं मेलघाट वन्यजीव विभाग द्वारा चिखलदरा के आमझरी पर्यटन संकुल में पर्यटकों के लिए डिलक्स टेंट, कॉटेज, डॉरमेट्री एवं सामान्य टेंट की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई गई है. जहां पर निवास व्यवस्था के लिए पर्यटकों द्वारा ऑनलाइन अग्रिम आरक्षण किया जा सकता है.
उल्लेखदनीय है कि, वन विभाग द्वारा चिखलदरा क्षेत्र में जंगल एवं वन्यजीव प्रेमियों सहित पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे है. जिसके तहत विगत दिनों चिखलदरा के भीमकुंड पॉइंट पर एडव्हेंचर एक्टीविटी शुरु की गई थी. जिसके चलते चिखलदरा में पहली बार 10 किलोमीटर का लंबा ट्रैफिक जाम लगा था. वहीं अब आमझरी पर्यटन संकुल के जरिए चिखलदरा में वन विभाग द्वारा आरक्षित जंगल के भीतर पर्यटकों हेतु मचान पर रहने की व्यवस्था एवं सुविधा उपलब्ध कराई गई है. जिसके सार्थक व सकारात्मक नतीजे निश्चित तौर पर जल्द ही दिखाई देंगे.

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