फसल मंडी में अटका 6-7 करोड का लेन-देन
शनिवार को हुई बैठक में किया गया शीघ्र भुगतान का वादा

* दलालों द्वारा मनमाने दाम पर माल देने की चर्चा
* अब किया होहल्ला, जानकारों का अंदेशा निकला सही
अमरावती/दि.11 – अमरावती फसल मंडी में 2-4 वर्षों में एकाध पार्टी द्वारा बडे पेमेंट अटका देने की परंपरा लगता है, इस वर्ष भी कायम रही है. इसी कडी में एक बडे व्यापारी द्वारा 6-7 करोड का लेन-देन अटका देने की जोरदार चर्चा शुरु है. गत शनिवार को ही इस संबंध में युवा व्यापारी और दलालों के बीच बैठक होने और अगले कुछ माह में संपूर्ण भुगतान कर देने का वादा किए जाने की खबर है. इतना ही नहीं तो ‘अमरावती मंडल’ को फसल मंडी के वरिष्ठ और जानकार व्यापारियों ने बताया कि, उक्त पार्टी के उठ जाने की आशंका दो वर्षों से थी. पैसेवाला घर होने से दो वर्ष बात प्रलंबित हो गई.
* प्रमुख दलालों के 25-25 लाख
फसल मंडी की चर्चा के अनुसार उपरोक्त फर्म की ओर अनेक प्रमुख दलालों के 25 से लेकर 75 लाख तक बकाया हो गए है. वह सभी नाम भी इस पूरे मामले की संपूर्ण जानकारी रखनेवाले मंडी के व्यापारियों ने ‘अमरावती मंडल’ को बताए हैं. उन्होंने यह भी बताया कि, 10 दलालों के मिलाकर बकाया है. वहीं प्रमुख बैंक की संपूर्ण लिमीट का भी उपयोग संबंधित व्यापारी फर्म द्वारा कर लिया गया. ऐसे में पेमेंट अटकने से दलालों ने कोहराम मचाया.
* नाहक होहल्ला, हुई मीटिंग
दलालों द्वारा पेमेंट अटक जाने का भरपूर होहल्ला मचाए जाने से मंडी के बाहर यह चर्चा गत शनिवार से ही पहुंच गई. जिसके बाद शनिवार को आनन-फानन में फर्म के वरिष्ठ ने दलालों की मीटिंग बुला ली. प्रत्येक को अगले कुछ माह में पूरा भुगतान करने का भरोसा दिलाया. इतना ही नहीं तो 25 प्रतिशत अगले सप्ताह में कर देने का भी आश्वासन दिया गया. जिसकी पूर्ति हो जाने की जानकारी कुछ व्यापारियों ने ‘अमरावती मंडल’ को दी है. उन्होंने बताया कि, दलालों द्वारा नाहक शोर किया गया. संबंधित फर्म प्रतिष्ठित और बेहतर व्यवहार के लिए अब तक जानी जाती थी. उसके तरफ पेमेंट बिल्कुल देर-सबेर आने की सभी को शाश्वती भी थी.
* मनमाने दाम पर बेचे जीनस
व्यापारियों ने बताया कि, उक्त फर्म के युवा व्यापारी द्वारा उंचे दाम पर सौदे किए जाने से मंडी के जानकारों को पेमेंट अटकने की आशंका पहले ही हो गई थी. ऐसे में कई प्रमुख फर्मों ने अपना लेन-देन रोक दिया था. बहुत कम ही व्यवहार किए जा रहे थे. जिन दलालों के पेमेंट आज अटक गए हैं. उनके बारे में कहा जा रहा है कि, मनमाने दाम पर माल बेचा गया. जिससे अब व्यवहार अटक गए हैं. उदाहरण के तौर पर बताया गया कि, 1600 का मक्का 1750-1800 तक दिया गया. सोयाबीन के 4 हजार रेट रहने पर भी 4400 के लोभ में काफी माल दिया गया. 2 हजार के गेहूं के 2400 दाम के रेट में भरपूर माल थोपा गया. दलालों को भी माल का पेमेंट अटकने के अंदेशे का दावा जानकारों ने चर्चा में किया. उन्होंने बताया कि, 2024 अथवा 2025 में ही उक्त फर्म का झटका मंडी को लगनेवाला था. यह झटका करीब दो वर्ष विलंब से लगा है. अब फर्म के प्रमुख संचालक ने अगले कुछ माह में बकाया 75 प्रतिशत पेमेंट भी कर देने का भरोसा दिया है. जिससे कुछ प्रमाण में दलालों के चेहरे पर रौनक लौटी है अन्यथा पिछले सप्ताह तो उनका मुंह और मूड पूरी तरह उतर गया था.





