ट्रान्सपोर्टर्स गुरुवार से हडताल पर
ई-चालान का कडा विरोध

* कृति समिति ने दिया संकेत
पुणे/दि.28 – ई-चालान प्रणाली, सेवा वाहनों पर टोल, टैक्स और अन्यायकारक नियमों के विरुद्ध आगामी 5 मार्च गुरुवार से प्रदेश के सभी प्रकार के ट्रान्सपोर्टर्स ने हडताल पर जाने की धमकी दी है. उनकी एक्शन कमिटी स्थापित की गई. जिसने शासन को तत्काल सकारात्मक कदम न उठाने पर बेमुद्दत हडताल के सिवाय चारा न रहने की बात कही.
यहां आयोजित पत्रकार परिषद में पदाधिकारियों ने दावा किया कि, हडताल में सभी प्रकार की वस्तुओं की ढुलाई करने वाले, स्कूल बस, वैन, छोटे मालवाहक सभी शामिल होंगे. बस ऑपरेटर के प्रसन्न पटवर्धन, रिक्शा पंचायत के नितिन पवार, रिक्शा संगठन के डॉ. केशव क्षीरसागर, राजेंद्र सिंह राजपूत, बाबा शिंदे, राजन जुनवणे, किरण देसाई आदि ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, सार्वजनिक सेवा वाहन जनता को दैनंदिन जरुरतों के लिए अत्यावश्यक सेवा देते है. किंतु केंद्र और राज्य सरकार विविध करों के माध्यम से बडे प्रमाण में राजस्व वसूल कर रहा है. सडकों हेतु इंधन पर सेस लगाया गया है. फिर भी बीओटी आधार पर बनाई गई सडकों पर टोल वसूला जाता है. दोहरा आर्थिक बोझ ट्रान्सपोर्टर्स पर पडा है. जबकि सडकों की व्यवस्था खराब है. पवार ने कहा कि, राज्य में कर्मचारी वाहनों पर प्रति सीट 1900 रुपए और एसी वाहनों पर 6 हजार 500 रुपए प्रति सीट सालाना टैक्स लिया जा रहा है. यह अन्यायकारी है.





