सेवा शुल्क में विद्यापीठ द्बारा बढोत्तरी

विद्यार्थी संतप्त, आंदोलन की चेतावनी

अमरावती/दि.21- संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय के अंतर्गत प्रदान किए जाने वाले प्रमाणपत्रों और अन्य 42 सेवाओं के शुल्क में भारी वृद्धि की गई है. छात्रों ने असंतोष व्यक्त करते हुए इस वृद्धि को वापस लेने की मांग की है, क्योंकि सेवा शुल्क में इस भारी वृद्धि से छात्रों की आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.
अब परीक्षा में प्राप्त अंकों की पुनर्गणना करने के लिए अब विद्यार्थियों को 100 रुपए तथा दुय्यम अथवा अस्थायी अंक पत्रिका के लिए 500 रुपये शुल्क लिया जाएगा. माध्यमिक डिग्री प्रमाणपत्र के शुल्क में 1,000 रुपये की वृद्धि की गई है. पहले, अंकों के पुनर्मूल्यांकन का शुल्क 20 रुपये, माध्यमिक मार्कशीट या अस्थायी मार्कशीट का शुल्क 100 रुपये और माध्यमिक डिग्री प्रमाणपत्र का शुल्क 400 रुपये था. इसके अलावा, विश्वविद्यालय ने 42 प्रकार की सेवाओं के शुल्क में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है.
विश्वविद्यालय अंतर्गत पांच जिलों के छात्र पढ़ते हैं, जिनमें से अधिकांश किसान, मजदूर, श्रमिक और गरीब वर्ग से आते हैं. विश्वविद्यालय द्वारा शुल्क वृद्धि से उन पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है. छात्र विश्वविद्यालय द्वारा किफायती शुल्क में वृद्धि पर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं, जबकि शिक्षा का खर्च पहले ही बढ़ चुका है. उन्होंने मांग की है कि विश्वविद्यालय शुल्क वृद्धि वापस ले और उन्हें राहत प्रदान करे.
* प्रहार छात्र संघ आक्रामक
विश्वविद्यालय द्वारा की गई शुल्क वृद्धि छात्रों के लिए असहनीय है. प्रहार छात्र संघ ने मांग की है कि प्रमाणपत्रों और अन्य सेवाओं के लिए शुल्क वृद्धि का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए और छात्रों को राहत दी जाए. जिला प्रमुख आकाश खारोडे, समर्थ डवरे, ऋषिकेश ठवकर, विशाल आवारे आदि ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो प्रहार छात्र संघ प्रहार शैली में जोरदार विरोध प्रदर्शन करेगा.

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