विधायक साजिद खान पठान को मिली धमकी पर हंगामा

विधानसभा में बिश्नोई गैंग का मुद्दा गरमाया

मुंबई /दि.25 – महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में कल लॉरेंस बिश्नोई गैंग का मुद्दा गरमाया रहा. कांग्रेस ने अकोला पश्चिम से अपने विधायक साजिद खान पठान को मिल रही जान से मारने की धमकियों को लेकर सदन में जबरदस्त हंगामा किया. विपक्ष ने आरोप लगाया कि, राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है. अब जन प्रतिनिधियों को सरेआम निशाना बनाया जा रहा है.
कांगे्रस विधायकों ने सदन की कार्यवाही रोककर साजिद खान पठान के लिए तत्काल सुरक्षा की मांग की. सदन में इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने सरकार की घेराबंदी करते हुए कहा कि, बिश्नोई गैंग के गुर्गे अब सीधे विधायकों को फोन कर रंगदारी मांग रहे है और इनकार करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे है. साजिद खान पठान को मिली इन धमकियों के बाद विपक्षी सदस्यों ने गृह विभाग की तत्परता पर सवाल उठाये और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की.
आखिर पुलिस इन नेटवर्क को ट्रैक करने में विफल क्यों : विपक्ष के नेताओं ने सदन को बताया कि, विधायक साजिद खान पठान को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल और मैसेज आ रहे है, जिनमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर उन्हें डराया जा रहा है. कांग्रेस विधायक दल के नेताओं ने कहा कि, बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद से राज्य में डर का माहौल है. साजिद खान पठान को मिल रही धमकियां इस बात का प्रमाण है कि, अपराधी बेखौफ हो चुके है. उन्होंने सरकार से सवाल किया कि, आखिर पुलिस इन नेटवर्क को ट्रैक करने में विफल क्यों हो रही है.
गृहमंत्री फडणवीस का बयान और जांच के निर्देश : हंगामें के बीच राज्य के मुख्यमंत्री और गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि, सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि, साजिद खान पठान को मिली धमकियों की जांच एंटी-टेररिज्म स्क्वाड और साइबर सेल की मदद से की जा रही है. उन्होंने आश्वासन दिया कि, विधायक की सुरक्षा की समीक्षा कर ली गई है और उन्हें आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाएगी. फडणवीस ने यह भी कहा कि, बिश्नोई गैंग के नाम पर फर्जी कॉल कर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ भी कडी कार्रवाई की जाएगी.

* सुरक्षा को लेकर सदन में तिखी नोकझोंक
सदन में सुरक्षा को लेकर सत्ता व विपक्ष के बीच तिखी नोकझोंक हुई. विपक्षी विधायकों ने कहा कि, जब तक साजिद खान पठान और उनके परिवार को पूख्ता सुरक्षा नहीं दी जाती, तब तक वे चर्चा आगे नहीं बढने देंगे वहीं, सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसे पुलिस का विषय बताते हुए स्वयं बरतने की अपील की, जिससे सदन में शोर-शराबा और बढ गया. विपक्ष का कहना रहा कि, यह केवल एक विधायक की सुरक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश है.

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