विकास कार्य स्थगित करने के फैसले पर वंचित बहुजन आघाडी का विरोध
दी आंदोलन की चेतावनी, जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

अमरावती/दि.13 – अनुसूचित जाति व नवबौद्ध घटकों की बस्ती के विकास कामों को जिला नियोजन समिति की बैठक में पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले द्वारा दी गई स्थगिति को हटाकर विकास काम ‘जैसे थे’ अवस्था में रखने की मांग को लेकर वंचित बहुजन आघाडी के जिलाध्यक्ष राहुल मेश्राम व युवा आघाडी के महासचिव सागर भवते के नेतृत्व में जिलाधिकारी आशीष येरेकर को आज ज्ञापन सौंपा गया.
जिलाधिकारी को सौपे ज्ञापन में बताया गया है कि, अनुसूचित जाति एवं नव-बौद्ध समुदायों की बस्तियों में प्रस्तावित विकास कार्यों को स्थगित किए जाने के निर्णय पर वंचित बहुजन अघाड़ी, अमरावती जिला की ओर से कड़ा विरोध जताया गया है. संगठन ने बताया है कि प्रशासनिक मंजूरी प्राप्त सभी विकास कार्यों को बिना किसी बदलाव के तत्काल शुरू किया जाए, अन्यथा जिलेभर में आंदोलन किया जाएगा. संगठन के अनुसार, 24 जनवरी 2026 को आयोजित जिला योजना समिति की बैठक में वर्ष 2025-2026 के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं नव-बौद्ध बस्तियों के विकास के लिए प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त कार्यों पर चर्चा हुई थी. इस दौरान पालकमंत्री द्वारा सूची में शामिल कार्यों को स्थगित करने के निर्देश दिए गए.
वंचित बहुजन अघाड़ी के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि भारतीय संविधान के प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जाति क्षेत्रों के विकास के लिए स्वीकृत निधि का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जाना अनिवार्य है. इसके बावजूद विकास कार्यों को स्थगित करना नियमों के विरुद्ध और सामाजिक रूप से अन्यायपूर्ण है. उन्होंने कहा कि आज भी इन बस्तियों में मूलभूत सुविधाओं की अत्यधिक आवश्यकता है, जबकि स्वीकृत निधि उपलब्ध होने के बावजूद कार्यों पर रोक लगाना चिंताजनक है.
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि स्थगित विकास कार्यों की सूची को यथावत रखते हुए तुरंत कार्य शुरू नहीं किए गए, तो संबंधित मंत्री एवं अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी तथा पूरे अमरावती जिले में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. वंचित बहुजन अघाड़ी ने प्रशासन से सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जाति एवं नव-बौद्ध समुदायों के विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की मांग की है. ज्ञापन सौंपनेवालों में राहुल मेश्राम, सागर भवते, जिला उपाध्यक्ष नंदकुमार खंडारे, तिवसा तहसील अध्यक्ष मनीष खरे, महासचिव अमोल जवंजाल, शैलेश बागडे, नितिन थोरात, विजय डोंगरे, संदेश ढोके, रोहित गवई आदि का समावेश था.





