सब्जी विक्रेताओं ने की नागपुर में अथर्व नानोरे की हत्या
पिता से ही होलसेल में लेते थे माल

* चर्चित अपहरण व हत्याकांड
* आरोपी का नाम सामने आते ही पुलिस भी रह गई हैरान!
नागपुर/दि.6 – अथर्व नानोरे हत्याकांड में तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, और चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी उसी का पड़ोसी निकला. जयराम गोपाल यादव (19, निवासी गिट्टीखदान), केतन उर्फ कुणाल रमेश साहू (22, निवासी कुतुबशाह मस्जिद के पास, गिट्टीखदान) और आयुष मोहन साहू (19, निवासी शिवशंकर मंदिर के सामने, मानकापुर) ये तीनों आरोपी हैं. ये सभी सब्जी बेचने का काम करते थे और पीड़ित के परिवार को जानते थे.
आरोपी अक्सर अथर्व के पिता से सब्जी खरीदते थे और उन पर कुछ पैसे भी बकाया थे. उन्हें यह भी पता था कि अथर्व के पिता एक थोक सब्जी विक्रेता हैं और उनके पास बड़ी मात्रा में नकदी रहती है. इसी लालच में घटना से तीन दिन पहले अथर्व के अपहरण की साजिश रची गई थी. इसके लिए जयराम को आइसक्रीम का लालच देकर अथर्व को भीड़ से बाहर लाने की जिम्मेदारी दी गई थी.
* आइसक्रीम के बहाने बाहर ले गए
घटना के दिन हनुमान जयंती की शोभायात्रा चल रही थी. योजना के अनुसार जयराम ने अथर्व को आइसक्रीम के बहाने बाहर बुलाया और ‘टाटा एस’ गाड़ी के पास ले गया, जहां आयुष और कुणाल पहले से मौजूद थे. तीनों ने उसे जबरदस्ती गाड़ी में बैठाया और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया ताकि वह शोर न मचा सके.
इसके बाद आरोपी गाड़ी को गोरेवाड़ा की ओर ले गए. लेकिन गिट्टीखदान इलाके में हो रहे शोर-शराबे के कारण घबरा कर उन्होंने कपड़े से गला घोंटकर अथर्व की हत्या कर दी. फिर रात के अंधेरे में गाड़ी सड़क किनारे छोड़कर अपने-अपने घर चले गए. बाद में अथर्व का शव कळमेश्वर क्षेत्र के भरतवाड़ा इलाके में रिंग रोड के पास एक बोरी में हाथ-पैर बंधे हुए मिला. घटना के बाद शहर में भय और आक्रोश का माहौल था. हत्या के बाद भी आरोपी सामान्य व्यवहार करते हुए आसपास घूमते रहे.
* सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
जांच में पता चला कि अथर्व आखिरी बार अपने दोस्तों के साथ आइसक्रीम पार्लर के पास देखा गया था. इसके बाद आरोपी उसे ऐसे इलाके में ले गए जहां सीसीटीवी कैमरे नहीं थे. इससे यह स्पष्ट हुआ कि यह अपराध पहले से योजना बनाकर किया गया था. घटनास्थल पर मिली बोरी पर मौजूद ट्रेडमार्क जांच में अहम सबूत साबित हुआ, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची. प्रारंभिक जांच में व्यक्तिगत विवाद के कारण हत्या की आशंका जताई जा रही है. आगे की जांच में हत्या के पीछे का सटीक कारण सामने आने की संभावना है.
* क्या था पूरा मामला?
हनुमान जयंती के अवसर पर गिट्टीखदान इलाके में शोभायात्रा निकाली गई थी, जहां से अथर्व लापता हो गया. काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला, तो परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शनिवार दोपहर करीब 3 बजे कलमेश्वर थाना क्षेत्र के भरतवाड़ा इलाके में कोराडी-फेटरी रिंग रोड के पास एक बोअरवेल में अथर्व का क्षत-विक्षत शव मिला. हत्या के बाद आरोपियों ने उसके हाथ-पैर बांधकर शव को बोअरवेल में ठूंस दिया और सड़क किनारे छोड़ दिया. इस घटना से पूरे शहर में सनसनी फैल गई. पुलिस आयुक्त रविंद्र सिंगल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. शव को पोस्टमार्टम के लिए मेयो अस्पताल भेजा गया. बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और इलाके में शोक और गुस्से का माहौल बन गया.





