विदर्भ साहित्य संघ का कार्यकारिणी चुनाव तपा
केन्द्रीय मंत्री गडकरी से भूमिका स्पष्ट करने की मांग

* नाम का हो रहा इस्तेमाल – डॉ. श्रीपाद जोशी
नागपुर/ दि.20- विदर्भ साहित्य संघ के अध्यक्ष सहित 22 पदों के चुनाव की रंगत बढती जा रही है. इस बीच केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के नाम का उपयोग हो रहा है. गडकरी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि चुनाव से उनका कुछ लेना- देना नहीं है. किंतु अध्यक्ष पद के उम्मीदवार एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. श्रीपाद जोशी ने आरोप किया कि गिरीश गांधी और कुछ उम्मीदवार को विजयी बनाने के लिए नितिन गडकरी द्बारा आवाहन किए जाने का दावा किया जा रहा है. श्रीपाद जोशी ने नितिन गडकरी से तुरंत अपनी भूमिका स्पष्ट करने का अनुरोध किया है.
डॉ. जोशी ने कहा कि 40 वर्षो तक विदर्भ साहित्य संघ चलाते समय गडकरी का कोई हस्तक्षेप नहीं देखा गया. गडकरी ने ऐसी कोई दखलदांजी न की. गांव- गांव दौरे करते समय भी हम यहीं बात मतदाताओं से कह रहे हैं. श्रीपाद जोशी ने कहा कि समाचारों में अलग चित्र आ रहा है. जिसमें गडकरी की भूमिका अलग बताई जा रही है. ऐसे में नितिन गडकरी को एक बार फिर अपना रूख और स्टैंड स्पष्ट कर देना चाहिए. जोशी ने कहा कि कुछ उम्मीदवार की ओर से गडकरी के अपने फेवर में होने का दावा किया जा रहा है. उनके दल के संगठन मंत्री ने जैसे चुनाव जीताने की जिम्मेदारी पार्टी ने ही उन्हें सौंपने के अंदाज में हस्तक्षेप शुरू कर दिया है. गिरीश गांधी और कुछ उम्मीदवार को विजयी करने का खुले आम आवाहन पार्टी के नाम पर किए जाने का आरोपी श्रीपाद जोशी ने लगाया.
श्रीपाद जोशी ने यह भी कहा कि आपके और हमारे संबंध तथा हमारे मन में आपकी प्रतिमा का देखते हुए उपरोक्त भूमिका क्लेशदायक है. आपका संगठन मंत्रियों के औपचारिक संबंध न रहने की बात पर छोटा बच्चा भी विश्वास नहीं कर सकेगा. साहित्य संघ के वोटर इतने सुशिक्षित अवश्य हैं. हम जिन गडकरी को जानते हैं. वह हमारे स्नेही हैं. किंतु उनकी पार्टी के लोग गडकरी की छवि में बाधा उत्पन्न करने का अभियोग श्रीपाद जोशी ने किया. श्रीपाद जोशी स्वयं अध्यक्ष पद का चुनाव लड रहे हैं. उन्होंने विदर्भ भर में पहले साहित्य संघ सभासदों को गांव- गांव जाकर संबोधित किया और आवाहन किया है.





