
नागपुर/प्रतिनिधि दि.4 – कोरोना के बढते प्रभाव को रोकने तथा इस बीमारी से लडने के लिए रेलवे ने कोच तैयार किये है. यह कोच भारत सरकार की स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के मार्गदर्शन के अनुसार कोविड केअर सेंटर के रुप में इस्तेमाल किये जाएंगे. 11 डिब्बो की (गैरवातानुकुलित) रैक व एक वैद्यकीय कर्मचारी के लिए कोच यह इनलैंड कंटेनर डिपो, अजनी में तैयार रखा गया है. रविवार से उसे मनपा के हवाले किया गया है.
विभागीय रेलवे व्यवस्थापक नागपुर विभाग, मध्य रेलवे व आयुक्त, नागपुर मनपा के सामंजस्य करार के अनुसार रेलवे व नागपुर मनपा के कर्तव्य व जिम्मेदारियां रहेगी. मध्य रेलवे के महाव्यवस्थापक अलोक कंसल ने विभागीय रेलवे व्यवस्थापक को एमएचएफडब्ल्यू व्दारा दी गई मार्गदर्शक सूचनाओं के अनुसार सभी मदत करने के निर्देश दिये है.
वैद्यकीय कर्मचारियों का डोनिंग व डॉफिंग के लिए, वैद्यकीय साहित्य व वैद्यकीय उपकरण रखने के लिए एक कोच इस्तेमाल किया जाएगा. शेष 11 कोच कोविड केअर सेंटर के रुप में इस्तेमाल किये जायेंगे, जहां हर कोच में 16 मरीज यानी हर कंपार्टमेंट में 2 मरीज इस तरह कुल 176 बेड पर इलाज किया जा सकता है. हर कोच में स्टैंड समेत दो ऑक्सिजन सिलेंडर दिये गए है. हर खिडकी को मच्छर प्रतिबंधक जाली मुहैया की गई है तथा हर कोच में 9 विंडो कुलर लगाए गए है.
गर्मी के समय में तापमान कम करने के लिए कोचिंग की छत पर कुलिंग सिस्टीम मुहैया कराई गई है. सभी कोच में पानी व विद्युत सुविधा दी गई है. कोच व बेड के इस्तेमाल के लिए जगह जगह मार्गदर्शक चिन्ह दिये जा रहे है. मरीज व कर्मचारियों के इस्तेमाल के लिए आवश्यक चदर, लिनन की व्यवस्था की गई है. सौम्य लक्षण रहने वाले कोविड पॉजिटीव मरीजों को इस कोच में रखा जाएगा. किसी भी बेकार स्थिति में अथवा मरीज के लक्षण/स्थिति बिगडती देखी गई तो मरीज को तत्काल उच्च केंद्र में यानी समर्पित कोविड अस्पताल में स्थलांतरीत करने के लिए इन डिब्बों के पास 24 बाय 7 एम्बुलेंस उपलब्ध रहेगी. मनपा व्दारा नियुक्त वैद्यकीय कर्मचारी, डॉक्टर व कर्मचारी यहां के कोच के मरीजों को सेवा देंगे. जैव-वैद्यकीय कचरे का निपटारा करने के लिए नियुक्त किये गए कचरा निपटारा करने वाली एजेंसी की ओर से राज्य सरकार के अधिकारियों की मार्गदर्शक सूचना के अनुसार कचरे का निपटारा किया जाएगा.