विदर्भ

नागपुर उच्च न्यायालय में 126 प्रकरणों का निपटारा

लोक अदालत में 55.01 करोड रुपए का समझौता

नागपुर /दि.28– 10 से 15 साल से न्याय की प्रतिक्षा में रहने वाले 43 किसानों को लोक अदालत ने एक ही दिन में न्याय मिल गया. सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति भूषण गवई के मार्गदर्शन में संपूर्ण देश के उच्च न्यायालय में लोक अदालत का आयोजन किया गया. नागपुर की लोक अदालत में एक ही दिन में 55 करोड रुपए के प्रकरणों का समझौता किया गया.
नागपुर उच्च न्यायालय में 4 से 5 प्रकरण चलाये गये. इसमें से 126 प्रकरणों का निपटारा किया गया. अकोला जिले के बोरगांव मंजू के किसानों ने 2013 में नागपुर-जलगांव नैशनल हाईवे के चौडाईकरण के लिए अपनी जमीन दी थी. लेकिन उन्हें दिये गये मुआवजे पर उनकी आपत्ति थी. यह प्रकरण पहले स्थानीय न्यायालय में गया और पश्चात उच्च न्यायालय में पहुंचा. पिछले 12 साल से नैशनल हाईवे अ‍ॅथोरिटी ऑफ इंडिया और किसानों मेें न्यायालयीन विवाद शुरु था. लेकिन हाईकोर्ट में हुई एक दिन की लोक अदालत में इन प्रकरणों का फैसला हुआ और 21 करोड रुपए का धनादेश इन किसानों को न्यायालय में ही दिया गया. पिछले 10-12 साल से राष्ट्रीय महामार्ग जथउ सिंचन विभाग जैसे शासकीय विभाग से संबंधित किसानों के तथा अन्य नागरिकों के सैकडों प्रकरण उच्च न्यायालय में प्रलंबित थे. इस कारण किसानों को न्याय नहीं मिला था. वहीं दूसरी तरफ मूलभूत सुविधा का निर्माण करने देरी हो रही थी. लेकिन इस सुनवाई के कारण दोनों पक्ष समाधानी है.

 

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