
नागपुर/दि.16– नागपुर के समता सहकारी बैंक में 145 करोड के आर्थिक गैरव्यवहार प्रकरण में 17 वर्षो से फरार आरोपी को राज्य अपराध अन्वेषण विभाग सीआयडी के दल ने हैद्राबाद से गिरफ्तार किया है. वह पिछले अनेक वर्षो से अपनी पहचान छिपाकर पुणे, मुंबई और तेलंगना में रह रहा था. आरोपी का नाम विजयकुमार रामचंद्र दायमा है.
नागपुर की समता बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संचालक मंडल, अधिकारी, कर्मचारी और कर्जदारो ने साजिशन नकली ऋण प्रकरण बनाकर 145 करोड 60 लाख रुपए से निवेशको को धोखा दिया. सीताबर्डी पुलिस थाने में 57 लोगों के खिलाफ हेराफेरी का अपराध दर्ज किया गया. प्रकरण की जांच सीआयडी नागपुर कार्यालय से की जा रही थी.
बैंक के कर्जदार दायमा को बगैर मॉर्गेज समता बैंक ने कर्ज दिया था. जो नहीं लौटाकर आरोपी ने बैंक से धोखा किया. सीआयडी की टीम ने दायमा के अनेक रिश्तेदारों और विविध ठिकानों पर उसकी तलाश की. वह हात नहीं लग रहा था.
आखिर उसके हैद्राबाद में होने का पता चलते ही पुलिस ने आरोपी को वहां जाकर दबोचा. सीआयडी के अतिरिक्त पुलिस महासंचालक प्रशांत बुरडे, विशेष महानिरीक्षक डॉ. दिलीप पाटिल भुजबल, एसपी वैशाली माने के निर्देश पर निरीक्षक आनंद रावडे, हवालदार विकास कोली, सुनील बनसोडे, प्रदीप चव्हाण ने कार्रवाई की.