
* 7 वर्षीय बच्ची की मौत, आरोपी ने लगा ली फांसी
* पत्नी के साथ विवाद, बच्चों पर निकाला गुस्सा
नागपुर/दि.17 – मकर संक्रांति के दिन नागपुर में शैतानी पिता ने पत्नी से हुए विवाद का बदला लेने के लिए बच्चों को तीलगुल खिलाने की जगह खुद के ही बेटा-बेटी को जहर पीला दिया. जिसके चलते 7 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई और 12 वर्षीय बेटा गंभीर अवस्था में जिंदगी और मौत के बीच लडाई लड रहा है. वहीं दूसरी तरफ उस क्रूर पित ने भी फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह दिल दहला देने वाली घटना वाठोडा पुलिस थाना क्षेत्र में घटी. इस घटना से परिसरवासियों के तीलगुल की मिठास खत्म हो गई.
मनोज अशोक बेले (45) यह क्रूर पिता का नाम है. पत्नी प्रिया के साथ उसका लगातार विवाद हुआ करता था. जिसके कारण दोनों अलग-अलग रहते थे. 7 वर्षीय तनीष्का व 12 वर्षीय प्रिंस मां के साथ रहते थे. मनोज कठोड के नागोबा गली में रहता था. पति-पत्नी ने आपस में किए समझौते के अनुसार तनीष्का और प्रिंस हर रविवार को पिता के पास जाते थे. रविवार की सुबह नाना राजू तल्हार ने दोनों को मनोज के घर छोडा. मनोज ने बच्चों को खिलाया-पिलाया और भोजन में जहर डाल दिया. इतना ही नहीं तो उसने बच्चों का गला घोटने का भी प्रयास किया. बच्चे बेहोश होकर गिर पडे. बच्चों की मौत हो जाने का समझकर मनोज ने लकडी के बल्ले के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. शाम का समय काफी ज्यादा हो गया. फिर भी बच्चे लौटे नहीं यह देखकर बच्चों के नाना वहां गए, उन्हें सामने के कमरे में मनोज फांसी के फंदे पर झूलता हुआ दिखाई दिया. उन्होंने मनोज को नीचे उतारा और कमरे में पार्टीशन के उस ओर देखा, तो दूसरे भाग में प्रिंस और तनीष्का बेहोश पडे थे. दोनों को इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल में भर्ती किया गया. मगर इलाज के दौरान तनीष्का की मौत हो गई और प्रिंस जिंदगी और मौत के बीच लडाई लड रहा है. वठोडा पुलिस ने मृत मनोज के खिलाफ अपराध दर्ज कर तहकीकात शुरु की है.
* 2 सप्ताहपूर्व मनाया बेटे का जन्मदिन
पत्नी के साथ विवाद होता था फिर भी मनोज बेटा-बेटी पर जान छिडकता था. नवंबर माह में उसने तनीष्का का जन्मदिन मनाया और 28 दिसंबर को प्रिंस का जन्मदिन मनाया. मनोज के दिल में इतने घातक विचार पनप रहे है, इस बारे मेें किसी ने सोचा भी नहीं था.
* एक वर्ष से रहता था अलग
मनोज मेडिकल चौक में वाहन मरम्मत के वर्कशॉप में काम करता था. पिछले 1 वर्ष से वह पत्नी से अलग रहता था. दोनो बच्चे मां के पास रहते थे. उसे शराब पीने की लत थी. इस वजह से वह विवाद किया करता था. बच्चों पर विपरीत परिणाम न हो, इसके लिए पत्नी बच्चों के साथ अलग रहने लगी. पत्नी रहने के लिए नहीं आ रही, इस वजह से वह नाराज था और इसी का बदला लेने के लिए उसने बच्चों की हत्या का प्रयास किया.