विदर्भ

तीन राज्यों के क्षेत्र में से ज्यादा वन जमीन पर अतिक्रमण

केंद्र सरकार की रिपोर्ट में आंकडेवारी उजागर

नागपुर /दि.2– देशभर के करीबन 13 हजार चौरस किमी से अधिक वनक्षेत्र पर अतिक्रमण होने की सनसनीखेज बात केंद्र सरकार की रिपेार्ट से उजागर हुई है. दिल्ली, सिक्कीम और गोवा इन तीन राज्यों के एकत्रित क्षेत्रफल से भी यह अतिक्रमण अधिक है. विशेष यानि अब तक 10 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने अपनी आंकडेवारी केंद्र को नहीं दी है. इस कारण अतिक्रमण इससे कही ज्यादा रहने की संभावना है.
केंद्रीय पर्यावरण, वन मंत्रालय ने राष्ट्रीय हरीत लवाद के निर्देशानुसार अपने क्षेत्र के वन जमीन पर अतिक्रमण की जानकारी प्रस्तुत करने के आदेश मई 2024 में सभी राज्य में केंद्र शासित प्रदेशों को दिये थे. 11 नवंबर को बैठक भी ली गई. अब तक 25 राज्य अथवा केंद्र शासित प्रदेशों ने जानकारी प्रस्तुत की है. उस आधार पर मंत्रालय ने रिपोर्ट तैयार की है. यह रिपोर्ट पिछले सप्ताह में हरीत लवाद के पास प्रस्तुत की गई. इसके मुताबिक 25 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में मिलकर करीबन 13 हजार चौरस किमी से अधिक वनक्षेत्र अतिक्रमण में है. अब तक 409.77 चौरस किमी वनजमीन अतिक्रमण से मुक्त किये जाने की जानकारी इस रिपोर्ट में रही तो भी मार्च 2024 तक अतिक्रमण से घीरी रही. कुल वन जमीन से यह क्षेत्र छोडा गया था अथवा नहीं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है.

* सर्वाधिक अतिक्रमण मध्यप्रदेश में
राज्य                           अतिक्रमण (चौ. किमी)
मध्यप्रदेश                             5460.9
आसाम                                3620.9
कर्नाटक                               863.08
महाराष्ट्र                                575.54
अरुणाचल प्रदेश                    534.9

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