
अचलपुर /दि.4– अचलपुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति अंतर्गत वर्ष 2020-21 तथा वर्ष 2021-22 इन दो आर्थिक वर्षों के वैधानिक लेखा परिक्षण में विशेष लेखा परिक्षक ने करोडों रुपएकी आर्थिक गडबडी को पकडा है. जिसमें से करीब ढाई करोड रुपए वसूल पात्र दर्शाए गए है.
वैधानिक लेखा परिक्षण में पाए गए त्रृटियों व गडबडियों के मद्देनजर विशेष लेखा परिक्षक वर्ग-1 वी. एस. मसराम ने तत्कालीन सभापति व उपसभापति सहित 18 संचालकों तथा मंडी के सचिव, रोखपाल, सहायक सचिव विभाग प्रमुख व लेखापाल के नाम विगत 24 नवंबर को नोटीस जारी की है. यह नोटीस सभी संबंधितों को 2 दिसंबर तक पहुंच गई. जिसमें सभी से अगले 7 दिनों के भीतर गडबडियों के संदर्भ में स्पष्टीकरण मांगा गया है.
जानकारी के मुताबिक लेखा परिक्षण के दौरान कई वाउचर बिना हस्ताक्षर वाले भी पाए गए है. कुछ वाउचर की जानकारी को कैशबुक में दर्ज नहीं किया गया है और इन वाउचर की कोई नोटशीट या सभा में मंजूरी नहीं है. उस समिति सहित आमसभा का प्रस्ताव नहीं है और उस पर सभापति व सचिव के हस्ताक्षर नहीं है. बल्कि नगद में आए पैसों की नगद में ही जावक की गई. इसके अलावा इन दोनों आर्थिक वर्षों के दौरान अनाज पर बाजार फिस व सुपरविजन फिस के लिए 28 लाख रुपए तथा दुकान किराए के लिए 28.47 लाख रुपए, ऐसे कुल 56 लाख 47 हजार 690 रुपए वसूल पात्र दर्शाए गए है और कपास के शेष को नगग्य दर्शाया गया है. वाउचर के जरिए नगद खर्च दर्शाए गए 1 करोड 83 लाख 37 हजार 910 रुपए भी वसूल पात्र रहने की बात लेखा परिक्षक द्वारा कही गई है.
* दिवंगत संचालक व सचिव के नाम पर हुई नोटीस
लेखा परिक्षण के दौरान लेखा परिक्षक द्वारा पकडी गई गलतियों व गडबडियों के लिए लेखा परिक्षक की ओर से तत्कालीन सचिव पवन सारवे के नाम पर भी नोटीस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. जबकि पवन सारवे का कुछ समय पहले ही निधन हो चुका है. इसी तरह 24 नवंबर को नोटीस जारी रहने के बाद विगत 2 दिसंबर को तत्कालीन संचालक विजय काले का भी निधन हुआ और 2 दिसंबर को ही उनके नाम पर नोटीस तामिल हुई.
* सन 2020-21 तथा 2021-22 के वैधानिक लेखा परिक्षण में लेखा परिक्षक ने कई तरह की त्रृटियों व गडबडियों को पकडा. जिसके चलते तत्कालीन संचालकों सहित सचिव, रोखपाल, सहायक सचिव, विभाग प्रमुख व लेखापाल ऐसे कुल 22 लोगों से स्पष्टीकरण मंगवाया गया है.
– अमर वानखडे,
सचिव, अचलपुर कृषि उत्पन्न बाजार समिति