
नागपुर /दि.29– चिखलदरा तहसील के सिमोरी ग्राम में राजु व फुलवंती धिकार नामक दम्पति के 22 दिन के बच्चे के पेट पर चटके दिये जाने से उसे गंभीर अवस्था में नागपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था. जांच में फुफ्फुस के विकार के साथ रक्त के संसर्ग व टीजीए जैसे हृदय विकार का भी निदान हुआ. डॉक्टरों ने उपचार शुरु कर बच्चे की हालत स्थिर की. पश्चात पेचीदा हृदय शस्त्रक्रिया सफल की. प्रशासन सहित डॉक्टरों के अथक प्रयासों के कारण बच्चे को नया जीवन मिला.
बच्चे का जन्म 3 फरवरी को अचलपुर उपजिला अस्पताल में हुआ और 5 फरवरी को डिस्चार्ज मिला. पश्चात बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. इस कारण 23 फरवरी को मां ने घरेलू उपाय के रुप में उसके पेट पर करीबन 60 से 65 दफा गरम लोहे की सलाख के चटके दिये. पश्चात बच्चे को अमरावती के जिला महिला अस्पताल के आईसीयू विभाग में भर्ती किया गया. 26 फरवरी 2025 को जिला पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिये. उन्होंने यह जानकारी पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को दी. उन्होंने बच्चे के उपचार को प्राथमिकता देने और उसकी जान को खतरा न होने के लिए आवश्यक सभी प्रयास करने के निर्देश दिये.
* पहले 10 दिन महत्व के लगातार एक माह के उपचार के बाद इस बच्चे को शनिवार 29 मार्च को छुट्टी दी गई. बच्चे पर किये उपचार की जानकारी देते हुए नेल्सन हॉस्पिटल के संचालक डॉ. सोनल भगत ने कहा कि, बच्चे की हालत काफी गंभीर थी. पहले 10 दिन महत्व के थे. डॉक्टरों के अथक प्रयासों से बच्चे की हालत स्थिर हुई. उसके बाद चुनौतिभरी टीजीए शस्त्रक्रिया थी. लेकिन डॉक्टरों ने अपने अनुभव और कौशल्य की सहायता से उसे सफल किया.