
* नागपुर एम्स में किया था भर्ती
नागपुर/दि.19– वह उंचाई पर इलेक्ट्रीशियन का काम कर रहा था. अचानक संतुलन बिगडा और वह नीचे गिर गया. सिर पर गंभीर चोट लगी. ‘एम्स’ में उपचार जारी होने के दौरान उसको ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया गया. अपने छोटे भाई को बचा नहीं पाने का दर्द उसको सताता रहा. लेकिन उसने एक निर्णय लिया. छोटे भाई को अंगों के तौर पर जिंदा रखने का. उसकी इस मानवतावादी पहल से तीन लोगों को नई जिदंगी मिल गई और दो लोगों को दृष्टि मिली.
* नागपुर से वर्धा ग्रीन कॉरिडोर
राकेश की एक किडनी एम्स के ही 52 वर्षीय पुरूष मरीज को दान की गई. दूसरी किडनी प्रतीक्षा सूची के अनुसार एवीबीआरएच सावंगी वर्धा की 36 वर्षीय महिला और इसी अस्पताल के 57 वर्षीय पुरूष को लीवर दान किया गया. नागपुर ‘एम्स’ से वर्धा सावंगी के एवीबीआरएच तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया. कॉर्निया की जोडी एम्स को दान की गई.