
नागपुर/दि.1-गोंदिया वनविभाग अंतर्गत चिचगड वनपरिक्षेत्र के मलकाझरी नियत क्षेत्र के कक्ष क्रमांग 802 आरक्षित वन में गश्त के दौरान क्षेत्रीय कर्मचारियों को शुक्रवार को बाघ का सडी-गली अवस्था में शव मिला. बाघ की मृत्यु का स्थान गांव से दुर्गम क्षेत्र पहाडी क्षेत्र में है. बाघ की गर्दन और चेहरे पर दूसरे बाघ के दात के निशान थे. इसलिए आपसी लडाई में बाघ की मृत्यु होने का प्राथमिक अनुमान व्यक्त किया जा रहा है. इस प्रकरण में राष्ट्रीय व्याघ्र संवर्धन प्राधिकरण द्वारा निर्गमित की नियमावली के अनुसार बाघ का पोस्टमार्टम व आगे की आवश्यक कार्रवाई की गई. इसके लिए गोंदिया वनविभाग के उपवनसंरक्षक स्तर पर समिति गठित की गई. घटना की जानकारी मिलते ही उपवनसंरक्षक सहित प्रकाष्ठ निष्कासन अधिकारी, वनपरिक्षेत्र अधिकारी, पशुधन विकास अधिकारी, पशुवैद्यकीय अधिकारी तथा मुख्य वन्यजीव रक्षक प्रतिनिधि सावन बाहेकर, राष्ट्रीय व्याघ्र संवर्धन प्राधिकरण के प्रतिनिधि रुपेश निंबर्ते घटनास्थल पहुंचे थे.