घटना का वीडियो बना सबूत, कोर्ट ने 3 को सुनाई सजा
नांदगांव खंडेश्वर में पटवारी से मारपीट और गालीगलौज

* बीजेपी कार्यकर्ता गाडेकर, तुपट, वैद्य हैं आरोपी
अमरावती/दि.27 – नांदगांव खंडेश्वर तहसील कार्यालय में 6 वर्ष पहले कोरोना महामारी दौरान सातबारा दस्तावेज लेने पहुंचे लोगों ने विवाद में पटवारी को गालीगलौज कर पीट डाला था. इस प्रकरण में जिला व सत्र न्यायाधीश अश्वघोष रामटेके ने घटना के वीडियो फुटेज को सबूत ग्राह्य कर तीनों आरोपियों नीलेश प्रकाश गाडेकर, हरिदास भाउराव तुपट और रणजीत दिलीप वैद्य को कसूरवार ठहराकर एक साल की कैद और 4500 रुपए जुर्माने की सजा आज सुनाई. यह तीनों बीजेपी के कार्यकर्ता बताये जाते हैं. यह भी उल्लेखनीय है कि, पटवारी राहुल निंगोट ने मोबाइल हैंडसेट में उस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया था. अभियोजन पक्ष की ओर से एड. प्रफुल तापडिया ने पैरवी की.
घटना 13 अगस्त 2020 की है. उपरोक्त आरोपी तहसील कार्यालय पहुंचे थे. उन्होंने पटवारी सचिन फुटाणे से सातबारा दस्तावेज मांगे. फुटाने ने वहां आये लोगों के कर्ज माफी के डिक्लेरेशन करने के बाद देने की बात कही. जिस पर गुस्सा होकर आरोपियों ने गालीगलौज की और मारपीट की. शिकायत पर नांदगांव खंडेश्वर पुलिस ने भादवि धारा 353, 332, 294, 186, 34 के तहत अपराध दर्ज कर जांच की और कोर्ट में आरोप पत्र दायर किया.
न्यायालय ने आरोपियों को लिखित और मौखिक सबूतों तथा युक्तिवाद के आधार पर दोषी पाया एवं एक साल की कैद और जुर्माना किया. प्रकरण में एड. तापडिया को कोर्ट पैरवी ईश्वर राठोड और महिला पुलिस उषा तायडे, हेड कांस्टेबल अरुण हटवार ने सहकार्य किया.





