पानी की मांग में रोजाना 7 लाख लीटर की हुई वृद्धि
अमरावती-बडनेरा शहर में रोजाना हो रहा 135 एमएलडी जल का उपयोग

अमरावती /दि.16 – फरवरी माह की शुरुआत के साथ ही अमरावती-बडनेरा जुडवा शहर में पानी की दैनिक मांग में लगभग 7 लाख लीटर की वृद्धि दर्ज की गई है. महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) के अधिकारी के अनुसार, ठंड और वर्षा ऋतु में शहर को रोजाना लगभग 125 मिलीयन लीटर एमएलडी जल की आपूर्ति की जाती है.
ग्रीष्मकाल की आहाट के साथ कूलर, घरेलू उपयोग और अन्य आवश्यकताओं में अन्य आवश्यकताओं में बढोत्तरी के कारण जल खपत बढकर 130 से 135 एमएलडी तक पहुंच गई है. वर्तमान में औसतन 7 लाख लीटर अतिरिक्त पानी रोजाना छोडना पड रहा है. राहत की बात यह है कि, अप्पर वर्धा डैम में पर्याप्त जलसंग्रह उपलब्ध है. इससे आगामी ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट की संभावना नहीं है. हालांकि मौजूदा जलशुद्धिकरण केंद्र की सीमित क्षमता के कारण शहर को रोजाना जलापूर्ति करना संभव नहीं हो पा रहा है.
भविष्य की बढती जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मजीप्रा ने विस्तारित जलापूर्ति योजना ‘अमृत-2’ पर कार्य प्रारंभ कर दिया है. इस योजना के तहत नया जलशुद्धिकरण केंद्र स्थापित किया जाएगा. साथ ही अप्पर वर्धा डैम से अमरावती स्थित जलशुद्धिकरण केंद्र तक नई पाइप लाइन बिछायी जाएगी तथा 10 लाख लीटर क्षमता की 15 नई पानी की टंकियों का निर्माण किया जाएगा.
अधिकारियों के अनुसार, आगामी दो वर्षों में इन सभी टंकियों का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा. इसके शुरु होने से शहर की जल भंडारण क्षमता और वितरण व्यवस्था अधिक मजबूत व सुव्यवस्थित होगी. प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि, वे गर्मी के दौरान पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें. पानी का अनावश्यक बहाव रोके और जलसंरक्षण के उपाय अपनाएं, ताकि सभी को समान रुप से जल उपलब्ध हो सके.
* मजीप्रा को 11 करोड रुपए का घाटा
अमरावती-बडनेरा शहर के लगभग 1.40 लाख उपभोक्ताओं पर करीब 450 करोड रुपए का पानी बील बकाया है. बीते वर्ष में केवल 32 करोड रुपए की ही वसूली हो सकी. मजीप्रा को हर माह जलापूर्ति पर लगभग 3 करोड 50 लाख रुपए खर्च करने पडते है. जिसमें 1 करोड 6 लाख रुपए बिजली बिल के रुप में चुकाने पडते है. अन्य प्रशासनिक खर्चों के कारण जलापूर्ति योजना लगभग 11 करोड रुपए के घाटे में चल रही है.
* बकाया बिल न भरने पर उपभोक्ताओं के काटेंगे कनेक्शन
नागरिकों से आवाहन किया गया है कि, वे अपना बकाया पानी का बिल समय पर ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन जमा करें. अन्यथा कनेक्शन कांटने की कार्रवाई की जाएगी. बकाया धारकों के नल कनेक्शन कांटने के लिए 40 अलग-अलग दल घटित किये गये है. जिन्हें कडी कार्रवाई करने के निर्देश देकर मैदान में उतारा गया है.
– संजय लेवरकर,
उपविभागीय अभियंता, मजीप्रा.