अमरावती में विकास की नई लहर लाएंगे

उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने दिलाया भरोसा

* गाडगे नगर की सभा में विभिन्न मुद्दों पर किया ध्यान केंद्रीत
* उडान पुल के लिए फंड का महासंकल्प
* एनसीपी के उम्मीदवारों का बढाया हौसलां
अमरावती/दि.10-अमरावती सिर्फ एक जिला मुख्यालय नहीं है, बल्कि एक विभागीय आयुक्तालय भी है. इसलिए, इस शहर का विकास भी एक विभागीय शहर जैसा होना चाहिए. इस बात को ध्यान में रखते हुए अजीत दादा पवार ने कल की जनसभा में सिर्फ विकास संकल्पनाएं नहीं रखी, बल्कि उन्होंने अपने भाषण इस बात पर फोकस किया कि शहर की समस्याओं को हल करने के लिए असल में क्या किया जा सकता है. उन्होंने अपील की कि अगले पचास सालों में इस शहर की तस्वीर कैसी होनी चाहिए, इस पर सोचकर नियोजन करें. वे अमरावती महापालिका चुनाव में राकांपा उम्मीदवारों के लिए प्रचार के लिए पधारे थे. गाडगेनगर के ऐतिहासिक मैदान में आयोजित भव्य जनसभा में वे बोल रहे थे. इस मौके पर उन्होंने अमरावती के लोगों को विकास की राजनीति की एक नई और उम्मीद जगाने वाली दिशा दिखाई. अजित पवार ने अपने मजबूत अंदाज में आगे कहा कि मैं सिर्फ घोषणाएं करने वाला नेता नहीं हूं, बल्कि असल में काम करने वाला व्यक्ति हूं. मुझे शहरों को बदलना और डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को लागू करना पसंद है. चूंकि अमरावती विभागीय हेडक्वार्टर है, इसलिए अगर और फंड्स उपलब्ध कराए गए तो इस शहर का कायाकल्प करना आसान होगा. इस फंड का इस्तेमाल भविष्य में जरूर किया जाएगा. सभी एनसीपी उम्मीदवारों से महापालिका चुनाव जीतने की अपील करते हुए उप मुख्यमंत्री अजीत दादा पवार ने विकास की नई लहर लाने का भरोसा दिलाया. अगर लोग पार्टी को समर्थन देते हैं, तो आने वाले बजट में शहर के लिए फंड का फ्लो शुरू हो जाएगा. उन्होंने शहर की जरूरतों को पहचानने और यह पक्का विश्वास करने की शपथ ली कि हर सरकारी योजना का लाभ अंतिम तबके तक पहुंचाएंगे. जनसभा में अजीत दादा के पास चर्चा करने के लिए कई विषय थे, लेकिन उन्होंने चर्चा का फोकस शहर के विकास पर ही रखा.
अपने भाषण में दादा ने एक बहुत जरूरी मुद्दा उठाया. कोई भी विकास का काम करते समय सरकार के लिए भूसंपादन एक बडा मुद्दा होता है. शहर के हर तरफ से विकास के मौके बढ रहे हैं. अगर अमरावती में एयरपोर्ट बनाना है या मेडिकल कॉलेज बनाना है, तो इसके लिए भूमिसंपादन सरकार के लिए बहुत महंगा है. यह भूमिसंपादन ज्यादातर छोटे जमीन वाले किसानों का होता है. किसान को मुआवजा तो मिल जाता है, लेकिन, उसकी जमीन चली जाती है और सरकारी फंड का एक बडा हिस्सा खर्च हो जाता है. अक्सर भूसंपादन में रुकावटें आती हैं और विकास के काम में देरी होती है. यही बात अजीत दादा ने सही समझी. उन्होंने कहा कि विकास का काम उन जमीनों पर होना चाहिए जो सालों से बेकार पडी हैं और जिनका मालिकाना हक राज्य सरकार या कृषि विद्यापीठ के पास है. इससे बेकार पडी जमीन का अच्छा इस्तेमाल होगा और सरकार को किसानों की जमीन पर कब्जा नहीं करना पडेगा. यह अजीत दादा का पेश किया गया बहुत ही प्रैक्टिकल तरीका है. इस मुद्दे को किसी भी राजनेता ने इतनी साफ-साफ नहीं पेश किया. असल में, हम सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण देखते हैं. इसके बजाय, अगर सरकारी जमीनों पर प्लान के हिसाब से विकास हो, तो विकास का काम तेजी से हो सकता है.
आवश्यक प्रावधान करवाएंगे
प्रस्तावना में, अमरावती शहर की लोकप्रिय विधायक सुलभाताई संजय खोडके ने दादा को कई विकास प्रस्तावों के लिए मदद की पेशकश की. जिसे अजीत दादा ने पूरे ध्यान से सुना. वित्त मंत्री होने के नाते अजीत दादा, ने इस बात पर फोकस किया और कहा, काम मुझसे करवा लो. अगले जल्द ही जिला परिषद के चुनाव होंगे, उसके बाद हम फिर से बिजी हो जाएंगे. अजीत दादा ने संजयजी और सुलभाताई खोडके को मुंबई आने की बात कहकर आश्वस्त किया कि, मैं अपने कार्यालय से कहकर बजट में आवश्यक प्रावधान करवाएंगे. एयरपोर्ट, उद्योग, रोजगार, आईटी हब, सडकें, पुल, आदि का विकास नहीं होने से विधायक सुलभा खोडके ने सुझाए प्रस्ताव अनुसार आगामी बजट में भरपूर निधि का प्रावधान करेंगे, ऐसा अजीत दादा पवार ने कहा. रेलवे उडान पुल निर्मिती के लिए 125 करेाड के प्रस्ताव को बजट में प्रावधान करने की बात अजीत दादा पवार ने कही.
खिलाडियों के लिए कुछ अलग करना हैं
अजीत दादा ने अमरावती शहर के विकास के लिए अंबादेवी और एकवीरा देवी को तीर्थस्थल का दर्जा देने, एयरपोर्ट के रनवे को बढाने वगैरह जैसे कई मुद्दों पर अच्छा रुख अपनाया. अभी हमारे पास खेल विभाग भी है. इसलिए, अगर हम खिलाडियों के लिए कुछ अलग करना चाहते हैं, तो हम वह भी कर सकते हैं, ऐसा उन्होंने बताया.
‘दादा का मतलब है पक्का वादा’
अजीतदादा के भाषण के में असली मुद्दा सामने आया. दादा ने सच में यह बात रखी कि मनपा चुनाव में किन मुद्दों पर बात होनी चाहिए. कई नेताओं का फैशन बन गया है कि वे सिर्फ इसलिए कुछ भी बोल देते हैं क्योंकि यह पॉलिटिक्स यानी राजनीति है. अजीतदादा इसके अपवाद थे. उनके भाषण में जोश, ईमानदारी और अनुभव से आया विकास का एक साफ दिशा थी. दादा का मतलब है पक्का वादा, सिर्फ एक टैगलाइन नहीं है, वे उस गति से भी काम करते है.
किसी पार्टी या नेता की बुराई का नहीं किया जिक्र
अपने भाषण में अजीतदादा ने किसी पार्टी या नेता की बुराई का जिक्र नहीं किया. लोगों को भी ऐसे मुद्दों की जरूरत है. स्थानीय निकाय चुनाव असल में राजनीति के लिए नहीं होते, बल्कि सबको साथ लेकर शहर के विकास के लिए होते हैं.
भडकाउ भाषण बर्दाश्त नहीं करेंगे
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने अपने भाषण में कहा कि, अमरावती में अगर भडकाउ भाषण का इस्तेमाल हो रहा हो तो वह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. भडकाउ भाषण से समाज में सलोखा बिगाडने की कोशिश करता है तो इस समय सभी को शांत रहकर विचार विमर्श करते हुए फैसला लेना चाहिए ताकि अमरावती शहर सहित राज्य में शांति बरकरार रहें. सभी समाज को साथ लेकर एवं समूह को साथ रखकर विकास करने का संकल्प महागठबंधन सरकार ने किया है.
* सुलभा खोडके ने किए 3 हजार 295 करोड के कार्य
अजीत पवार ने दावा किया कि बीते 5 वर्ष पहले विधायक सुलभा खोडके ने 3 हजार 295 करोड रुपए के विकास कार्य अमरावती में किए है. अब नए से और भी कुछ बडे विकास कार्य अमरावती में किये जाने है. संभागीय मुख्यालय अंतर्गत अमरावती शहर होने के चलते यहां बाकी के मुख्यालयों के मुताबिक विकास कार्य नहीं किया गया है. यह भी स्पष्ट रुप से कबुली अजीत पवार ने की. उन्होंने कहा कि रायगढ, संभाजी नगर, नासिक, नागपुर, पुणे में बडे-बडे उद्योग शुरु कर दिए गए है. बडे-बडे कंपनियों द्वारा इन महानगरों में प्रसिध्द कंपनियों तथा उद्योगपतिया ेंद्वारा करोडों रुपए का निवेश किया गया है. परंतु अमरावती जिला संभागीय मुख्यालय रहने के बावजूद विकास से कोसों दूर है. ऐसे में आनेवाले बजट में अमरावती के संदर्भ में निश्चित तौर पर विचार किया जाएगा. ऐसा आश्वासन भी अजीत पवार ने दिया.                                                                                                                                                                इनकी रही उपस्थिति
जनसभा में राकांपा के महासचिव विधायक संजय खोडके, विधायक सुलभा खोडके, राकांपा के प्रवक्ता सूरज चव्हाण, पूर्व विधायक देवेंद्र भुयार, राकांपा के युवा नेता यश खोडके, जिला निरीक्षक वसंतराव घुईखेडकर, सुरेखा ठाकरे, पूर्व महापौर एड. किशोर शेलके, शहर अध्यक्ष प्रशांत डवरे, ग्रामीण जिलाध्यक्ष संतोष महात्मे, मनपा स्थायी समिति के पूर्व सभापति अविनाश मार्डीकर, पूर्व उपमहापौर शेख जाफर, तपोवन के अध्यक्ष प्रा. डॉ. सुभाष गवई, मधु करवा, दीपक लोखंडे, पूर्व पार्षद स्वाती जावरे, रमेशराव ढवले, अशोक अग्रवाल, जनाब अख्तर हुसेन, संत गाडगेबाबा ज्येष्ठ नागरिक मंडल के पदाधिकारी पी. टी. गावंडे, मराठा सेवा संघ के पदाधिकारी अरविंदराव गावंडे, अश्विन चौधरी, भ्रात्रुं मंडल के सुरेशराव भारंबे, जैन समाज पदाधिकारी अमृत मुथा, अमरावती जिला रक्तदान समिती के अध्यक्ष महेंद्र भूतडा, प्रतापराव देशमुख, अमरावती जिला वकील संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष एड. शोएबखान, सहकार नेता मनोजराव देशमुख, खालिदभाई, गजाननराव चर्‍हाटे, कबड्डी असोसिएशन के पदाधिकारी जितेंद्रसिंह ठाकूर, प्रकाश वैद्य, योगिता गिरासे, एड. छाया मिश्रा आदि बडी संख्या में उपस्थित थे.

डिप्टी सीएम अजीत दादा की उपस्थिति में अनेकों का प्रवेश
राष्ट्रवादी काँग्रेस पार्टी के महासचिव (संगठन) विधायक संजय खोडके, अमरावती की विधायक सुलभाताई खोडके के कुशल नेतृत्व पर विश्वास दर्शाते हुए तथा उनकी कार्यशैली से प्रभावित होकर अनेकों ने डिप्टी सीएम अजीत दादा पवार की उपस्थिति में राकांपा में प्रवेश किया. इनमें मनोज देशमुख, दीपक लोखंडे, स्वातीताई जावरे, मिराज पठाण. इम्रानभाई, सुनील जावरे, डॉ. मतीन अहमद, रुबिना परवीन, अभिजित उर्फ मोंटी जाधव, रुखसाना बानो, मनीष चौबे, करीमा बाजी, अतुल इंगले, नरेंद्र गुलदेवकर, गौतम वानखडे, तौसिक हुसेन आदि का समावेश रहा. इन सभी नवप्रवेशितों ने समाज के लिए अच्छा काम करने की इच्छा व्यक्त की.

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