जारी रखेंगे जनसेवा, हार से तनिक भी निराश नहीं

शहर के पूर्व नगरसेवकों का जोरदार जज्बा

* प्रदीप बाजड ने कहा कभी नहीं छोडूंगा पार्टी
अमरावती/ दि. 19- महापालिका के बहुप्रतीक्षित चुनाव संपन्न हुए. नतीजे भी आ गये. अमरावती की जनता ने आधा अधूरा जनादेश दिया है. जिसके कारण महापालिका की सत्ता स्थापना के बारे में अलग- अलग समीकरण की अटकले तेज है. ऐसे मं अमरावती वासियों की वर्षो तक सामाजिक कार्यकर्ता, नगरसेवक के रूप में सेवा कर चुके कई बडे नाम और भूतपूर्व नगरसेवक चुनाव में इस बार असफल रहे. ऐसे ही कुछ बडे नामों से अमरावती मंडल ने बात की तो उन्होंने यही कहा कि हमारे कार्य, सेवा में कहां कमी रह गई, प्रचार में हम कहां पीछे छूट गये, इसका निश्चित ही आत्मचिंतन होगा. सभी ने यह जरूर कहा कि वे अपना सामाजिक कार्य कभी नहीं त्यागेंगे. बल्कि उनके कार्य हमेशा की तरह जारी रखने का प्रयास होगा. इस चर्चा दौरान अमरावती महापालिका के दो या दो से अधिक बार सदस्य रहे नेता व नेत्रियों ने यह जरूर कहा कि जनसेवा जारी रहेगी. सत्ता में रहे अथवा नहीं.
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कहां गलती हुई ध्यान नहीं आ रहा
महापालिका के दो बार सदस्य रहे राकांपा नेता प्रशांत डवरे ने कहा कि वे अपनी पराजय पर मंथन कर रहे हैं. समझ में नहीं आ रहा कि गलती कहां हुई. वार्ड में चार वर्षो तक बगैर नगरसेवक रहे भी उसी प्रकार के कार्य किए. लोगों के लिए दौडकर गये. विधायक संजय खोडके, विधायक सुलभा खोडके के नेतृत्व में प्रभाग में भरपूर विकास कार्य करवाए. सडक हो या नालियां अथवा बाग बगीचे सभी के कार्य तत्परता से करवाए. भरपूर विधायक निधि अपने प्रभाग में लाकर जनसुविधाएं बढाने पर जोर दिया. प्रशांत डवरे ने कहा कि प्रभाग में विकास के अनेक कार्य होने और सभी स्तरों पर लोगों से अच्छा संपर्क रहने के बावजूद उन्हें समझ नहीं आ रहा कि चूक कहा हो गई. राष्ट्रवादी के शहर जिलाध्यक्ष प्रशांत डवरे ने हालांकि स्पष्ट कर दिया कि लोगों की सेवा जारी रहेगी. गत 15- 20 वर्षो में जनसंपर्क, जनता के काम करने की आदत हो चली ह््ै. वह आदत थोडे ही जायेगी. लोगों के कार्य हेतु तत्पर रहने की बात विधायक संजय खोडके, सुलभा खोडके के सिपाही डवरे ने कही. बता दें कि डवरे ने नवसारी प्रभाग 3 की ड सीट से चुनाव लड 4 हजार से अधिक मत प्राप्त किए.

पैसे का इतना खेल कभी न देखा
शिवसेना उबाठा के कट्टर शिवसैनिक प्रदीप बाजड ने कहा कि उन्होंने आज तक किसी भी प्रकार के प्रलोभन में पक्ष बदल नहीं किया. न ही कभी करेंगे. कितनी भी बडी सत्ता की आफर आ जाए, उन्हें डिगा नहीं सकती. अपनी पराजय के विषय में प्रदीप बाजड ने कहा कि पैसे का इतना बडा खेल उन्होंने महापालिका चुनाव में अब तक नहीं देखा था. जबकि प्रभाग की गली- गली में राज्य मंत्री पंकज भोयर, विधायक संजय कुटे और बीजेपी के कई नेता मीटिंग कर रहे थे. पालकमंत्री ने भी उनके प्रभाग में 3-3 सभाएं की. प्रदीप बाजड ने यह भी कहा कि उनका सत्ता प्राप्ति का लक्ष्य कभी नहीं रहा. वे विचारधारा से जुडे हैं. उन्होंने हर चुनाव की तरह इस बार भी किसी को वोट पाने की लालसा में खाना तो दूर चाय भी नहीं पिलाई. बाजड ने कहा कि प्रभाग की साफ सफाई, बाग बगीचे के मुद्दों पर उन्होंने चुनाव लडा. केवल घर- घर पत्रक पहुंचाए. बैनर या पोस्टर इस बार भी नहीं लगाए. प्रदीप बाजड ने दृढता से कहा कि पार्टी कितनी भी कमजोर हो जाए. वे पार्टी कभी नहीं छोडेंगे. उसी प्रकार जहां भी अन्याय होता नजर आया, आवाज जरूर उठायेंगे. सामाजिक कार्य उनके सदैव चलते रहे हैं, चलते रहेंगे.


* जारी रहेंगे जनता के कार्य, हम बालासाहब के शिवसैनिक
शिवसेना उबाठा नेता प्रवीण हरमकर ने कहा कि, उन्हें अपनी पराजय का देखा जाए तो अफसोस है. प्रभाग वासियों के लिए वे हर समय दौडकर जाते रहे है. लोगों के सुख-दुख में काम आने का उनका प्रयत्न रहता है. शिवसेना की घुट्टी पी है. इसलिए जनसेवा तो निश्चित ही जारी रहेगी. लोगों की हमसे अपेक्षा है. हमने ही कदाचित वह अपेक्षाएं बढा दी है. जहां तक पराजय का प्रश्न है, निश्चित ही चुनाव में पैसे का उपयोग बेतहाशा बढ गया है. ऐसे में हमारे जैसा कार्यकर्ता कहां से इतना पैसा ला सकेगा. प्रवीण हरमकर शिवसेना उबाठा के शहर अध्यक्ष रह चुके हैं. इस बार चुनाव में उनकी पत्नी विशाखा भी खडी थी. किंतु दोनों ही जवाहर गेट-बुधवारा प्रभाग 14 के वोटर्स को पर्याप्त मात्रा में अपनी ओर न खींच सके. प्रवीण हरमकर ने यह भी आरोप लगाया कि, पिछले 8-9 वर्षों में प्रभाग में साफ-सफाई और जन अपेक्षाओं के अनुसार काम नहीं हुए थे. उसी प्रकार जैसा नगरसेवक प्रभाग में होना चाहिए, उस हिसाब से ध्यान नहीं दिया गया. प्रभाग का नगरसेवक कैसा होता है, विकास कार्य कैसे किए जाते हैं, यह विचारणीय है. प्रवीण हरमकर ने यह जरुर कहा कि, हम बालासाहब ठाकरे के शिवसैनिक हैं. जनसेवा का एक बार बीडा उठा लिया, तो फिर पीछे कैसे रहेंगे. हरमकर दो बार महापालिका सदस्य रहे हैं. गटनेता और नेता प्रतिपक्ष का पद विभूषित कर चुके हैं. नाना प्रकार की जनसमस्याओं के विरुद्ध आवाज उठाते रहे हैं.

* सत्ता का दुरुपयोग हुआ जमकर
बडनेरा नई बस्ती प्रभाग 22 के पांच बार के नगरसेवक और रिपाइं आठवले के नेता प्रकाश बनसोड ने अपनी पराजय पर बहुत स्पष्ट कहा कि, विधायक महोदय द्वारा सत्ता और पैसे का जमकर दुरुपयोग महापालिका चुनाव दौरान किया गया. जिसके कारण यहां लोगों में दहशत जैसा माहौल बन गया था. बनसोड ने कहा कि, इंटरनल वोट विभाजन के अलावा दबाव तंत्र का उपयोग उनकी हार का कारण कह सकते हैं. बनसोड ने आरोप लगाया कि, अवैध धंधों के लोग आकर नाना प्रकार के प्रलोभन वोटर्स को दे रहे थे, जो प्रलोभन से नहीं माने, ऐसे लोगों को धमकिया देने से भी बाज नहीं आए. तथापि प्रकाश बनसोड ने कहा कि, समाज सेवा जारी रहेगी. जनता के काम करने का सिलसिला तो गत चार वर्षों से भी लगातार जारी था, जब हम नगरसेवक नहीं थे. महापालिका में प्रशासक राज था. चुनाव में जीत-हार चलती है, किंतु उन्होंने जीवन में पहली बार सत्ता और धनबल का ऐसा दुरुपयोग होते देखा.


हार जीत चलती है, जारी रहेगी सेवा
तीन बार स्वयं और एक बार पत्नी अंजलि पांडे के नगरसेवक बनने का उल्लेख कर महापालिका के अनुभवी नेता प्रमोद पांडे ने खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए कहा कि चुनाव में हार जीत चलती है. किंतु इससे जनसेवा का कार्य खासकर पूरे वर्ष चलते 15-20 विशेष उपक्रम नहीं रूकेंगे्. वे अभियान वैसे जारी रखने का इरादा उन्होंने चर्चा में व्यक्त कर दिया. प्रमोद पांडे ने कहा कि उन्होनें अपने प्रभाग के लिए नगरसेवक न रहते हुए भी करीब ढाई करोड के कार्य मंजूर करवाए है. यह कार्य साकार करने में अपना समय और उर्जा लगायेंगे. पांडे ने बताया कि निर्माल्य निर्मूलन से लेकर देवी देवता की खंडित मूर्तियों के ससम्मान विसर्जन आदि उपक्रम भी जारी रहेंगे. दशहरा के बाद अंबा देवी- एकवीरा देवी परिसर की साफ सफाई का अभियान भी अनवरत रहेगा. पांडे ने कहा कि जो जीता वह सिकंदर. वे भी तो किसी को हरा कर ही चुनाव जीते थे. लगता है इस बार सबने मिलकर उन्हें पराजित कर दिया. बहरहाल प्रभाग के वोटर्स पर उन्हें भरोसा है. पूर्व उपमहापौर प्रमोद पांडे ने कहा कि अपने प्रभाग के लिए कचरा कलेक्शन की घंटा गाडी से लेकर अनेक उपक्रम पहलीबार शुरू करने का उन्हें समाधान है. नगरसेवक के रूप में कार्य की परिभाषा को उन्होंने बदला था. राजापेठ प्रभाग 18 से चुनाव में पराभूत प्रमोद पांडे ने स्वीकार किया कि अब चुनाव की फितरत बदल गई है. साढे चार साल तक आप प्रभाग में कुछ न करो. आखरी 6 माह आप सक्रिय हो जाओ. पूरे प्रभाग को अपने पोस्टर बैनर से ढक दो. आपकी चुनावी सफलता की गारंटी बढ जाती है.

जारी रहेगी सामाजिक सेवा
शिवसेना शिंदे गट की ओर से मोरबाग- विलास नगर प्रभाग 6 से चुनाव लडनेवाले पूर्व नगरसेवक सतीश करेसिया ने कहा कि तालमेल नहीं बैठ पाया. जिससे मनपा चुनाव में असफलता मिली. खैर कोई बात नहीं. सामाजिक कार्य पहले के समान जारी रहेंगे. राजनीति भी वे पार्टी आदेश पर कार्यक्रमों, आंदोलनों में भाग लेने तक सीमित है. सामाजिक कार्यो से सरोकार है. वक्त जरूरत लोगों के काम करते रहेंगे.

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