स्कूली परिवहन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी, जवाबदेह बनायेंगे
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक का दावा

मुंबई /दि.11- स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महाराष्ट्र सरकार ने स्कूल बस और परिवहन व्यवस्था को लेकर सख्त और व्यापक नियमावली जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है.
गृह विभाग द्वारा जारी मसौदा अधिसूचना के अनुसार, महाराष्ट्र मोटर वाहन (स्कूल बस विनियमन) (प्रथम संशोधन) नियम, 2026 लागू करने का प्रस्ताव है, जिसमें सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर दिया गया है. इस संबंध में अधिसूचना जारी होने की तारीख से पंद्रह दिनों की निर्धारित अवधि में संबंधित वेबसाइट पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं, और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देने का आग्रह किया है.
* किराया नियंत्रण पर स्पष्ट नियम
नए नियमों के अनुसार स्कूल बस का किराया अब क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण द्वारा तय किया जाएगा. विद्यार्थियों से केवल मासिक किराया ही लिया जाएगा. एकमुश्त अग्रिम राशि लेने पर प्रतिबंध लगाया गया है. इससे अभिभावकों को आर्थिक राहत मिलेगी.
* अभिभावकों की शिकायतों पर त्वरित समाधान
हर स्कूल में स्कूल ट्रांसपोर्ट कमेटी कार्यरत रहेगी, जो किराया, सुरक्षा और सेवा से संबंधित अभिभावकों की शिकायतों का निवारण करेगी. साथ ही तिमाही रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है.
* सुरक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीक अनिवार्य
सभी स्कूल बस और वैन में जीपीएस और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य किया गया है. इसके अलावा अग्नि सुरक्षा प्रणाली सिस्टम, तथा सभी सीटों के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य की गई है.
* डिजिटल मॉनिटरिंग प्रणाली लागू
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक वाहन में डिजिटल सेफ्टी मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना आवश्यक होगा. इस प्रणाली के माध्यम से वाहन की लाइव ट्रैकिंग, डिजिटल उपस्थिति दर्ज, स्वचालित अलर्ट और अभिभावकों को सीधे जानकारी मिलेगी. इस प्रणाली का राज्य स्तरीय प्लेटफॉर्म से एकीकरण भी किया जाएगा.
* विद्यार्थियों की निगरानी पर विशेष जोर
प्रत्येक विद्यार्थी की चढ़ने-उतरने के समय सहित दैनिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य होगा. विशेष रूप से प्री-प्राइमरी और प्राथमिक (कक्षा 5 तक) विद्यार्थियों के लिए हर यात्रा में महिला परिचारिका या नियुक्त कर्मचारी का होना आवश्यक रहेगा. विशेष आवश्यकताओं वाले विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी, सुलभ प्रवेश व्यवस्था और आवश्यक होने पर अभिभावक/शिक्षक की उपस्थिति का प्रावधान किया गया है.
* कर्मचारियों की सख्त जांच
बस चालक, परिचालक और अन्य कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच, मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र और आधिकारिक नियुक्ति पत्र अनिवार्य किया गया है. सभी रिकॉर्ड जांच के लिए उपलब्ध रखना अनिवार्य होगा.
* नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई
नए नियम लागू होने के बाद तीन महीनों के भीतर सभी स्कूल वाहनों को नियमों के अनुसार सुसज्जित करना आवश्यक होगा. अन्यथा संबंधित वाहनों के परमिट निलंबित या रद्द करने का प्रावधान किया गया है.
* संयुक्त निरीक्षण तंत्र
स्कूली परिवहन का नियमित निरीक्षण शिक्षा और परिवहन विभाग संयुक्त रूप से करेंगे, और इसकी रिपोर्ट जिला स्तर की समिति को सौंपी जाएगी. इस बीच, इन संशोधित नियमों से स्कूली परिवहन अधिक सुरक्षित, अनुशासित और तकनीक-आधारित होगा, और अभिभावकों व विद्यार्थियों का विश्वास और मजबूत होगा, ऐसा परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने व्यक्त किया है.





