मनपा में हम ही रहेंगे ‘किंगमेकर’, हमारे बिना सत्ता का ख्वाब अधूरा
शिंदे गुट वाली शिवसेना की महिला नेत्री प्रीति बंड का दावा

* शिंदे सेना को बताया खींचतान और गुटबाजी की राजनीति से दूर
* मतदाताओं द्वारा बिना झंझट वाली शिंदे सेना को पसंद किए जाने की बात कही
अमरावती/दि.11 – अमरावती महानगर पालिका के चुनाव में शिंदे सेना ही एकमात्र ऐसी पार्टी है, जिसमें टिकट के बंटवारे को लेकर कोई झगडा-झंझट और राजनीतिक खींचतान वाली स्थिति नहीं दिखाई दी और टिकट का बंटवारा बडे ही शांतिपूर्ण ढंग से हुआ. ऐसे में अमरावती के मतदाताओं द्वारा मनपा में पारदर्शी प्रशासन व प्रभावी कामकाज के लिए शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रत्याशियों की दावेदारी को अच्छा-खासा पसंद किया जा रहा है. जिसके चलते कहा जा सकता है कि, इस बार 87 सदस्यीय अमरावती महानगर पालिका में शिंदे गुट वाली शिवसेना के पार्षदों की उपस्थिति अच्छी-खासी रहेगी. जिसके बलबूते हम ‘किंगमेकर’ की भूमिका में रहेंगे और हमारे बिना किसी भी पार्टी का मनपा की सत्ता में आने का ख्वाब पूरा नहीं हो पाएगा, इस आशय का दावा शिंदे गुट वाली शिवसेना की महिला नेत्री प्रीति संजय बंड द्वारा किया गया.
अमरावती महानगर पालिका के आसन्न चुनाव की जबरदस्त गहमा-गहमी के बीच दैनिक ‘अमरावती मंडल’ के साथ विशेष तौर पर बातचीत करते हुए शिंदे गुट वाली शिवसेना की महिला नेत्री प्रीति बंड ने बताया कि, शिंदे गुट वाली शिवसेना ने अपने दम पर अमरावती महानगर पालिका के अलग-अलग प्रभागों की 67 सीटों पर अपने प्रत्याशी खडे किए है. जिनके प्रचार हेतु खुद पार्टी प्रमुख व राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की विगत दिनों अमरावती में सभा हो चुकी है. साथ ही केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव, राज्य के मंत्री संजय राठोड, उदय सामंत व गुलाबराव पाटिल जैसे बडे नेताओं के भी सतत दौरे चल रहे है. इसके अलावा पूर्व सांसद आनंदराव अडसूल के मार्गदर्शन तथा पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता, पूर्व विधायक अभिजीत अडसूल एवं जिला प्रमुख संतोष बद्रे के नेतृत्व में पार्टी के सभी स्थानीय पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं द्वारा पूरी एकजुटता के साथ पार्टी प्रत्याशियों की जीत के लिए काम किया जा रहा है. साथ ही साथ लगभग सभी प्रभागों में शिंदे सेना के प्रत्याशियों की दावेदारी को मतदाताओं की ओर से जबरदस्त प्रतिसाद भी मिल रहा है. जिसे ध्यान में रखते हुए स्पष्ट है कि, इस बार अमरावती महानगर पालिका में शिंदे गुट वाली शिवसेना या तो अपने बलबूते सत्ता स्थापित करेगी या फिर मनपा में सत्ता स्थापना हेतु प्रभावी भूमिका निभाएगी. क्योंकि शिंदे गुट वाली शिवसेना के बिना मनपा में निश्चित तौर पर सत्ता के समीकरण अधूरे रहेंगे.
मनपा चुनाव से पहले भाजपा के साथ युति को लेकर चली लंबी चर्चा और फिर युति नहीं होने के संदर्भ में पूछे गए सवाल पर शिवसेना नेत्री प्रीति बंड ने कहा कि, मनपा चुनाव के लिए हमारी भाजपा के साथ युति नहीं हुई, यह एक तरह से काफी हद तक ठीक भी रहा. क्योंकि यदि हमारी भाजपा के साथ युति हुई होती, तो हमें युति के तहत महज 15-16 सीटें ही मिलती और कार्यकर्ताओं का चुनाव रहनेवाले मनपा चुनाव में हम अपने सभी प्रभागों के कार्यकर्ताओं के साथ इंसाफ नहीं कर पाते. चूंकि हमारी किसी भी अन्य पार्टी के साथ कोई युति नहीं हुई है. जिसके चलते हमने 67 सीटों पर अपने प्रत्याशी खडे किए है और पार्टी के अधिक से अधिक निष्ठावान व समर्पित कार्यकर्ताओं को न्याय देने का प्रयास किया है. इसी जरिए हम शहर में अपने-आप को संगठनात्मक रुप से मजबूत करते हुए अपनी ताकत को भी तौल रहे है. यदि युति हुई होती, तो हमारे लिए ऐसा करना संभव नहीं रहा होता.
राज्य की महायुति में शिंदे सेना के साथ शामिल भाजपा व युवा स्वाभिमान पार्टी के बीच मनपा चुनाव को लेकर युति के संदर्भ में अब तक चल रही उठापटक की ओर ध्यान दिलाए जाने पर शिंदे सेना की महिला नेत्री प्रीति बंड का कहना रहा कि, वैसे तो यह उन दोनों राजनीतिक दलों का अंतर्गत मामला है. जिसके बारे में उनके द्वारा कोई भी प्रतिक्रिया देना ठीक नहीं रहेगा. परंतु वे इतना जरुर कह सकती है कि, ऐसी रोज-रोज की किच-किच मतदाताओं को भी रास नहीं आ रही और ऐसे लोगों को मतदाता अपने वोटों के जरिए 15 जनवरी को अपना जवाब जरुर देंगे.
मनपा चुनाव में शिंदे गुट वाली शिवसेना के बेहतर प्रदर्शन को लेकर जबरदस्त तरीके से आशान्वित रहनेवाली प्रीति बंड ने यह भी कहा कि, चूंकि शिंदे सेना के पार्टी प्रमुख व राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास नगर विकास एवं गृह निर्माण जैसे दो महत्वपूर्ण मंत्रालय है. ऐसे में यदि अमरावती की जनता द्वारा शिंदे सेना को बहुमत के साथ सत्ता दी जाती है, तो निश्चित तौर पर डेप्युटी सीएम एकनाथ शिंदे के जरिए हम अमरावती महानगर का बेहतरीन तरिके से विकास करते हुए यहां पर बडे-बडे गृह निर्माण प्रकल्प भी साकार करवा सकेंगे और अमरावती मनपा में विकास कामों के लिए निधि की भी कोई कमी नहीं पडने दी जाएगी. * चुनाव पश्चात युति को लेकर समय व जरुरत के हिसाब से निर्णय
इस बातचीत के दौरान जब शिंदे गुट वाली शिवसेना की महिला नेत्री प्रीति बंड से उनके ही ‘किंगमेकर’ वाले बयान को लेकर प्रति प्रश्न करते हुए यह जानने का प्रयास किया गया कि, यदि चुनाव पश्चात मनपा के सदन में किसी भी पार्टी के पास सत्ता स्थापित करने हेतु स्पष्ट बहुमत नहीं रहता है, तो उस स्थिति में शिंदे सेना की क्या भूमिका रहेगी, तो प्रीति बंड कहना रहा कि, चुनाव पश्चात मनपा के सदन में शिंदे सेना के पार्षदों की संख्या व भूमिका प्रभावी रहेगी, इस बात में कोई संदेह नहीं है. यदि किसी कारणवश सदन में किसी भी पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत नहीं रहता है, तो उस स्थिति में हम अपने जैसी समान विचारधारा रखनेवाली पार्टी के साथ गठबंधन करने पर विचार करेंगे. लेकिन किसी कारणवश यदि इस बारे में बात नहीं बन पाती है, तो अन्य पर्यायों व संभावनाओं के लिए भी रास्ते खुले रखे जाएंगे, यह अभी से लगभग तय है.
* गुप्ताजी की कोई नाराजी नहीं, पूरी ताकत से लगे है प्रचार में
इस साक्षात्कार के दौरान जब प्रीति बंड से विगत दिनों पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता द्वारा नाराज होकर खुद को पार्टी से अलग कर लिए जाने और फिर डेप्युटी सीएम शिंदे के साथ मुलाकात पश्चात पार्टी में वापिस आने के बारे में पूछा गया, तो उनका कहना रहा कि, पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता हमारी पार्टी के वरिष्ठ नेता है तथा हिंदुत्व की विचारधारा के प्रति पूरी तरह से समर्पित भी है. जिनकी पार्टी की ओर से कतई अनदेखी नहीं की जा सकती. कुछ बातों को लेकर पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता ने अपने-आप को चुनाव से अलिप्त कर लिया था. लेकिन वे पार्टी से अलग नहीं हुए थे. जिसके बाद पार्टी प्रमुख व डेप्युटी सीएम एकनाथ शिंदे से मुलाकात पश्चात पूर्व मंत्री जगदीश गुप्ता एक बार फिर पूरी ताकत के साथ पार्टी में सक्रिय हो गए है और इस समय अलग-अलग प्रभागों में पार्टी प्रत्याशियों का जमकर प्रचार भी कर रहे है, इस बात के सार्थक परिणाम चुनावी नतीजों में निश्चित तौर पर दिखाई देंगे, इसमें कोई संदेह नहीं है.





