यह कैसा ‘वचननामा’, यह तो अपनी गलतियों का ‘कबूलनामा’
भाजपा के घोषणापत्र का कांग्रेस ने किया ‘पोस्टमार्टम’

* पत्रवार्ता में भाजपा के घोषणापत्र को बताया पूरी तरह से बकवास
* भाजपा पर लगाया अमरावती को ‘भकास’ कर देने का आरोप
* साढे 8 वर्षों के दौरान अमरावती के बदहाल हो जाने की बात कही
अमरावती/दि.9 – आगामी 15 जनवरी को होने जा रहे मनपा चुनाव को ध्यान में रखते हुए दो दिन पहले ही भाजपा द्वारा अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया गया था. जिसमें सुरक्षित व विकसित अमरावती बनाने को लेकर भाजपा की ओर से 100 फीसद गारंटी दी गई थी. इसे अपने-आप में बेहद हास्यास्पद कहा जा सकता है. क्योंकि इस चुनावी घोषणापत्र के जरिए भाजपा ने अमरावती शहर की जनता के सामने ‘वचननामा’ नहीं, बल्कि अपनी गलतियों का ‘कबूलनामा’ पेश किया है. जिसमें भाजपा ने साफ तौर पर बताया है कि, पिछली बार स्पष्ट बहुमत के साथ मनपा की सत्ता मिलने के बावजूद भाजपा ने अमरावती शहर के विकास व भलाई के लिए कोई काम नहीं किया और अब अमरावती की जनता को सुरक्षित व विकसित अमरावती का सपना दिखाते हुए 100 फीसद गारंटी दी जा रही है. जिसका हकीकत से कोई वास्ता नहीं है, इस आशय का आरोप शहर कांग्रेस कमिटी द्वारा आज यहां बुलाई गई पत्रवार्ता में लगाया गया.
मनपा चुनाव हेतु भाजपा की ओर से जारी घोषणापत्र का इस पत्रवार्ता में एक तरह से ‘पोस्टमार्टम’ ही किया गया और सिलसिलेवार ढंग से भाजपा के घोषणापत्र में शामिल प्रत्येक मुद्दे की चिरफाड की गई. इस पत्रवार्ता में कहा गया कि, वर्ष 2017 से 2022 तक अमरावती महानगर पालिका में भाजपा की सत्ता रही. जिसके बाद से अब तक मनपा में प्रशासक राज चल रहा है. वहीं वर्ष 2022 से लेकर अब तक राज्य में भाजपा-सेना युति की सरकार है. ऐसे में भाजपा ने घोषणापत्र जारी करने की बजाए कार्यपूर्ति रिपोर्ट जारी करनी चाहिए थी और उसमें बताना चाहिए था कि, इन साढे 8 वर्षों के दौरान भाजपा द्वारा अमरावती शहर के विकास हेतु कौन-कौन से काम किए गए और उसमें से कितने काम पूरे भी हुए, इसकी भी जानकारी अमरावतीवासियों के सामने रखनी चाहिए थी. परंतु चूंकि इन साढे 8 वर्षों के दौरान भाजपा ने अमरावती के विकास के लिए एक भी ढंग का काम नहीं किया है. जिसके चलते कर्तव्यपूर्ति रिपोर्ट जारी करने की बजाए भाजपा द्वारा चुनावी घोषणापत्र जारी करते हुए आम जनता को सुनहरे भविष्य के सपने दिखाए जा रहे है और मतदाताओं को बरगलाने का प्रयास किया जा रहा है. परंतु जनता भी अब यह अच्छे से जानती और समझती है कि, जिन लोगों ने सत्ता में रहने के बावजूद कोई काम नहीं किया, उन्हें दुबारा सत्ता देने का कोई फायदा नहीं है.
इस पत्रवार्ता में कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि, वर्ष 2017 में हुए मनपा चुनाव के पहले भाजपा ने अमरावती शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की बात कही थी. परंतु स्मार्ट सिटी तो दूर, अमरावती शहर ढंग का शहर भी नहीं बचा है, बल्कि उससे पहले कांग्रेस की सत्ता रहते समय शहर में जो भी विकास कार्य हुए थे, उसे भी भाजपा की सत्ता रहने के दौरान बर्बाद कर दिया गया. जिसके चलते आज अमरावती शहर ‘भकास सिटी’ में तब्दील हो गई है. कांग्रेस पदाधिकारियों के मुताबिक अमरावती शहर में प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं बची है, बल्कि पूरे शहर को ठेकेदारों और भूमाफियाओं के हवाले कर दिया गया है. जिसके तहत स्थानीय जनप्रतिनिधि व भाजपा नेताओं द्वारा ठेकेदारों व भूमाफियाओं के साथ मिलिभगत करते हुए आम नागरिकों के अधिकारों पर डाका डाला जा रहा है. साथ ही ब्रिटीशकालिन नेहरु मैदान व अमरावती के रेलवे स्टेशन की जगह को बेचकर उससे पैसा कमाने का प्रयास किया जा रहा है.
इस पत्रवार्ता में यह भी कहा गया कि, भाजपा ने साफ-सुथरा अमरावती शहर बनाने की घोषणा की है. जबकि खुद भाजपा की सत्ता रहते समय ही अमरावती शहर में साफ-सफाई व्यवस्था का सत्यानाश हुआ है. इसी तरह भाजपा ने अंतर्गत सडकों के विषय का भी उल्लेख किया है. जबकि हकीकत यह है कि, आज शहर के कई रिहायशी इलाको में सडके उबड-खाबड पडी है और लंबे समय से शहर में सडकों की देखभाल व दुरुस्ती का काम नहीं हुआ. इसी तरह भाजपा ने शहर में स्वास्थ्य सेवाओं को चुस्त-दुरुस्त करने की बात कही है. जबकि हकीकत यह है कि, भाजपा के शासनकाल दौरान ही सुपर स्पेशालिटी अस्पताल के डॉक्टरों के मानधन का मामला लंबे समय तक प्रलंबित रहा. जिसके लिए कांग्रेस द्वारा आंदोलन किए जाने के बाद डॉक्टरों को आंशिक रुप से उनके बकाया मानधन का भुगतान किया गया. यही स्थिति शहर में साफ-सफाई और जलापूर्ति को लेकर भी है. जिसके लिए कांग्रेस पार्टी को अब तक कई बार आंदोलन करने पडे है.
इसके अलावा इस पत्रवार्ता में विशेष तौर पर 7 साल से चित्रा चौक फ्लाईओवर के आधे-अधूरे निर्माण कार्य का उल्लेख करते हुए बताया गया कि, चित्रा चौक फ्लाईओवर का निर्माण पूरा करने के लिए खुद हाईकोर्ट ने 31 दिसंबर की डेडलाइन तय की थी. लेकिन इसके बावजूद राज्य सरकार एवं मनपा प्रशासन द्वारा इस विषय को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही. इसी तरह 14 जुलाई 2025 को मनपा आयुक्त की ओर से साफ-सफाई को लेकर जारी आदेश में स्पष्ट रुपसे कहा गया है कि, प्रत्येक वॉर्ड में कम से कम 55 सफाई कर्मियों का रहना बेहद जरुरी है. जिसके चलते पूरे शहर में 1100 सफाई कर्मी होने चाहिए. परंतु इस समय पूरे शहर में बमुश्किल 400-500 सफाई कर्मी ही है. यही वजह है कि, शहर में साफ-सफाई व्यवस्था का पूरी तरह से बंटाधार हो चुका है और शहर में जगह-जगह पर कचरे व गंदगी के ढेर लगे हुए है. जिसके चलते शहरवासियों का स्वास्थ्य खतरे में कहा जा सकता है. वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की ओर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा. इसके अलावा शहर में हर तरह की मूलभूत सुविधा का अभाव है. लेकिन इसके बावजूद भाजपा द्वारा घोषणापत्र जारी करते हुए अपनी खुद की पीठ थपथपाई जा रही है.
इस पत्रवार्ता में कांग्रेस शहराध्यक्ष बबलू शेखावत, पूर्व महापौर विलास इंगोले व मिलिंद चिमोटे, प्रदेश सचिव भैया पवार, प्रदेश प्रवक्ता एड. दिलीप एडतकर, महिला शहराध्यक्ष जयश्री वानखडे व युवक कांग्रेस शहराध्यक्ष वैभव देशमुख उपस्थित थे.





