वॉट्सएप का ‘लॉक चैट्स’ फीचर रिश्तों में शक और दूरी बढा रहा

गोपनीयता के लिए बना फीचर अब ब्रेकअप का कारण बन रहा

लंदन /दि.27– वॉट्सएप का ‘लॉक चैट्स’ फीचर, जिसे यूजर्स की प्राईवेसी के लिए लाँच किया गया था, अब कई रिश्तों में अविश्वास और तनाव की वजह बन रहा है. 31 साल की एलिस (काल्पनिक नाम) को जब अपने बॉयफ्रेंड के फोन में ‘लॉक चैट्स’ दिखी तो उसे पता चला कि, वह अब भी अपनी एक्स गर्लफ्रेंड से बात कर रहा है. एलिस कहती है कि, मुझे नहीं पता था कि, ऐसा कोई फीचर भी है. जब देखा तो हैरान रह गई. वॉट्सएप ने इस फीचर को एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए लाँच किया था, इसमें कहा गया था कि, यह उन लोगों के लिए है, जो कभी-कभी अपना फोन दूसरों के साथ शेयर करते है और कुछ चैट्स को निजी रखना चाहते हो. इस फीचर में किसी भी चैट को लॉक किया जा सकता है, जिसे देखने के लिए फोन का पासवर्ड या फींगर प्रिंट जरुरी होता है.

* रिश्तों में बढ रहा अविश्वास
साइकोथेरपिस्ट हन्ना लुईस कहती है कि, चैट्स को लॉक करना लोगों को अपनी सीमाए तय करने में मदद करता है. लेकिन कई बार रिश्तों में शक को जन्म देता है. प्राइवेट इन्वेस्टीगेटर डेवीड जोन्स बताते है कि, उन्होंने कई मामलो में इस फीचर का इस्तमाल धोखाधडी, उत्पीडन या बेवफाई छिपाने के लिए होते देखा है.

* डिजिटल प्राइवेसी की जरुरत पहले से बढी
ब्रिटीश मनोचिकित्सक डॉ. निक प्रायर कहते है कि, आज-कल फोन पर्सनल चीज नहीं रह गया. वह बच्चों, पार्टनर या ऑफीस में दूसरों के हाथ में आ जाता है. ऐसे में चैट्स को लॉक करना लोगों को डिजिटल दुनिया में थोडी निजता देता है.

* डिजिटल दौर में प्राइवेसी की अहमियत
आज जब कोई अपनी जिंदगी सोशल मीडिया पर शेयर कर रहा है, तब प्राइवेसी और भी जरुरी हो गई है. हालांकी कुछ लोग इस फीचर का गलत इस्तमाल कर सकते है. लेकिन ज्यादा तर के लिए यह एक पॉजिटिव टुल है.

 

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