पत्नी ने कहा सरकार अदा करें 3.25 करोड की जमानत राशि
अमरावती का नितिन गुल्हाने माली की जेल में बंद

* मुख्यमंत्री और शासन से गुहार
नागपुर /दि.18- मूल रुप से अमरावती में जन्मे और शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय से बीई उपाधि प्राप्त करने पश्चात प्रतिष्ठित बिट्स पिलानी संस्थान में उच्च शिक्षित युवा इंजिनियर पिछले एक वर्ष से माली की जेल में कैद है. उसका कोई कसूर न होने के बावजूद बगैर सबूतों के वहां की सरकार ने इंजिनियर को जेल में डाल रखा है. उसकी बडी कोशिशों से मंजूर हुई जमानत वहां की अदालत के निर्देशानुसार राशि जमा कराने प पर रिहाई हो सकती है. रिहाई की रकम राज्य शासन से भरने का अनुरोध इंजिनियर की पत्नी ने किया है. सिविल इंजिनियर का नाम नितिन गुल्हाने और पत्नी का नाम प्रियंका गुल्हाने है.
नितिन गुल्हाने के माली की जेल से रिहाई हेतु राज्य सरकार द्वारा जमानत की 3.25 करोड की राशि का भुगतान कर गुल्हाने को छूडाने का अनुरोध उनकी पत्नी प्रियंका गुुल्हाने ने किया है. यहां मीडिया से बात करते हुए प्रियंका ने कहा कि, नोएडा की कंपनी ने सिविल इंजिनियर नितिन को माली का प्रोजेक्ट देकर वहां भेजा था, जहां बगैर किसी गुनाह के नितिन को गिरफ्तार कर जेल में डाला दिया गया. प्रियंका ने दावा किया कि, वे पिछले एक वर्ष से अपने पति को रिहा कराने के लिए यहां-वहां भटक रही है. गत अगस्त माह की 15 तारीख को माली की कोर्ट ने बडी मुश्किल से नितिन गुल्हाने की जमानत मंजूर की. इसके लिए 20 करोड फ्रैंक अर्थात लगभग 3.25 करोड की राशि जमा कराने कहा गया है.
प्रियंका गुल्हाने ने बताया कि, नितिन जिस कंपनी के लिए काम कर रहा है. उन्होंने रकम जमा कराने से मना कर दिया है. इसलिए अब परिवार बडी मुश्किल में आ गया है. उन्होंने प्रशासन और शासन से अनेक बार गुहार लगाई है. अब उच्चस्तरीय कार्पोरेट निर्णयों में सिविल इंजिनियर के रुप में अपने यजमान नितिन गुल्हाने का कोई लेना-देना न रहने पर भी माली सरकार ने उन्हें जेल में डाल रखा है. इसके पीछे तकनीकी भूल रहने का दावा भी प्रियंका गुल्हाने ने किया. उन्होंने माली की राजनीतिक दशा पर भी चर्चा की और बताया कि, वह देश आतंक और किडनैपिंक का राज बन गया है.
प्रियंका गुल्हाने ने बताया कि, उनके पति नितिन ने मां के तगडे संघर्ष के साथ लगन से पढाई की. अमरावती से बीई की डिग्री प्राप्त करने के बाद बिट्स पिलानी में आगे की पढाई करने के बाद 15 वर्षों तक विदेशों में जॉब किया और नोएडा की आरएस एक्झीम कंपनी में 2022 में उपमहाप्रबंधक बने थे. उन्हें माली ने ग्रामीण विद्युतीकरण के 22 गांवों के काम काम सुपरविजन करने भेजा गया था. यह एक अंतरराष्ट्रीय ठेका रहा.





