विदर्भ में शिवसेना का पुनरुत्थान करेंगे

उद्धव ठाकरे की निष्क्रियता के कारण सांसद-विधायक संपर्क में

* संजय निरुपम का दावा
नागपुर/दि.6 – शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता संजय निरुपम ने आज नागपुर में मीडिया से बातचीत करते हुए उद्धव ठाकरे, कांग्रेस और शरद पवार पर जोरदार टीका-टिप्पणी की. विदर्भ में शिवसेना की स्थिति, लोकसभा चुनावों के संकेत और फर्जी बाबाओं से मुख्यमंत्री के संबंधों पर लग रहे आरोपों पर उन्होंने बेबाक प्रतिक्रिया दी.
* विदर्भ में शिवसेना फिर बदलेगी रूप
विदर्भ में शिवसेना की स्थिति पर बोलते हुए निरुपम ने कहा कि विदर्भ में शिवसेना के कई पौधे उगे थे, लेकिन उचित देखभाल के अभाव में वे सूख गए. अब मुख्यमंत्री ने मुझ पर जिम्मेदारी सौंपी है. पुराने और नए कार्यकर्ताओं को साथ लेकर हम विदर्भ में शिवसेना को फिर खड़ा करेंगे. भाजपा के साथ गठबंधन पर उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सहयोगी दल है, चुनौती नहीं. भाजपा अपने सहयोगियों को खत्म करती है यह आरोप गलत है, बिहार में नीतीश कुमार इसका उदाहरण हैं, ऐसा भी उन्होंने कहा.
* ’ऑपरेशन टाइगर’ और ठाकरे की निष्क्रियता
उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए निरुपम ने कहा कि एकनाथ शिंदे ने सत्ता के लिए नहीं बल्कि हिंदुत्व के लिए बगावत की. जब पार्टी टूटती है तो पार्टी प्रमुख उसे संभालने की कोशिश करता है, लेकिन क्या उद्धव ठाकरे ने ऐसा प्रयास किया? चुनावों में शिंदे राज्यभर घूम रहे थे, जबकि ठाकरे कहीं नजर नहीं आए. उनकी इसी निष्क्रियता के कारण मुंबई के दो-तीन सांसदों को छोड़कर बाकी सभी सांसद और अधिकांश विधायक हमारे संपर्क में हैं, ऐसा सनसनीखेज दावा उन्होंने किया.
* फर्जी बाबा और अंजली दमानिया को इशारा
अशोक खरात मामले में मुख्यमंत्री पर हो रही आलोचना का जवाब देते हुए निरुपम ने कहा, राजनेता अक्सर सार्वजनिक कार्यक्रमों में बाबाओं से मिलते हैं, लेकिन उनके बंद कमरे के कृत्यों का समर्थन नहीं करते. अगर एकनाथ शिंदे को खरात के कारनामों की जानकारी होती तो उन्होंने उसे कभी भी जेल भिजवा दिया होता. साथ ही, अंजलि दमानिया को सलाह दी कि वे किसी के हाथों की कठपुतली बनकर बड़े नेताओं के खिलाफ इस्तेमाल न हों.

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