क्या अमरावती मनपा का नाम बदलेगा?
तीसरी बार उठा प्रस्ताव, राजनीतिक समर्थन पर नजर

अमरावती/दि.24 – अमरावती मनपा के नामकरण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. इस वर्ष की पहली आम सभा में मनपा का नाम बदलकर अमरावती-बडनेरा मनपा करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है. हालांकि, इससे पहले यह प्रस्ताव दो बार शासन स्तर पर खारिज हो चुका है. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि क्या इस बार सरकार से इसे राजनीतिक समर्थन मिलेगा. सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धार्थ बनसोड ने प्रश्न उठाया है कि क्या मंत्रालय इस प्रस्ताव को मंजूरी देगा या फिर पूर्व की तरह अस्वीकार कर दिया जाएगा.
* पहले भी हो चुका है खारिज
अमरावती मनपा ने सबसे पहले 30 जुलाई 1999 को नाम परिवर्तन का प्रस्ताव भेजा था. इस पर शहरी विकास विभाग ने 7 अप्रैल 2000 को अपनी राय देते हुए प्रस्ताव को अस्वीकार्य बताया था. अमरावती मनपा की स्थापना 15 अगस्त 1983 को हुई थी. उस समय बडनेरा नगर परिषद को भंग कर मनपा में शामिल किया गया था. बडनेरा के विकास को लेकर लंबे समय से स्थानीय स्तर पर असंतोष व्यक्त किया जाता रहा है.
* 2015 में फिर भेजा गया प्रस्ताव
पूर्व आयुक्त चंद्रकांत गुडेवार ने 21 दिसंबर 2015 को आधिकारिक पत्र के माध्यम से शहरी विकास मंत्रालय को नामकरण का प्रस्ताव भेजा था. हाल ही में 20 फरवरी को हुई पहली आमसभा में एक बार फिर अमरावती-बडनेरा मनपा नाम करने का प्रस्ताव पारित किया गया.
* जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम
मनपा के युवा स्वाभिमान पार्टी के गुट नेता नाना आमले ने कहा कि बडनेरा के नागरिकों और विधायक रवि राणा की इच्छा के अनुरूप यह प्रस्ताव लाया गया है. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रस्ताव शीघ्र ही शासन को भेजा जाएगा और आगे की कार्रवाई के लिए प्रयास किए जाएंगे. अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राज्य सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देगी या फिर यह मुद्दा एक बार फिर शहरी विकास विभाग की फाइलों में अटक जाएगा.





