यवतमाल

एक ही चिता पर पति-पत्नी का दाह संस्कार

पिंपलनेर की घटना

यवतमाल/प्रतिनिधि दि.२३ – शादीशुदा जीवन यह मनुष्य जीवन का काफी सुखद पल है. दो अनजान व्यक्ति एक साथ आकर सात जन्मों तक साथ रहने का संकल्प लेते हैं. इस दौर में सुख-दुख का सामना करते हुए अपना जीवन गुजारते हैं. पूरी जिंदगी साथ रहने का दिया गया वचन पूरा करते हुए एक दंपत्ति ने एक साथ आखरी सांस ली और एक ही चिता पर उनका दाहसंस्कार किया गया.
यह घटना यवतमाल जिले के आर्णी तहसील के पिंपलनेर गांव में घटी. नारायण आकाजी गायकी (75) और व्दारका नारायण गायकी (71) यह मृतकों का नाम है. दोनों आर्णी तहसील के श्रीक्षेत्र पिंपलनेर निवासी हैं. आप्पा स्वामी महाराज को दैवत मानकर भक्तिभाव से पूजा करने वाले गायकी दंपत्ति की पहचान थी. आठ दिनों पहले व्दारका की तबियत बिगड़ गई. पति-पत्नी दोनों एक कमरे में रहकर एक-दूसरे की सेहत का खयाल रख रहे थे. बहू और पोते भी उनकी सेवा करते थे. बुधवार की रात दोनों ने आखरी सांस ली. सुबह के समय जब उनका पोता उन्हें जगाने के लिये आया तो उसे दोनों को मृत अवस्था में पड़े मिले. घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामवासियों ने गायकी परिवार को भेंट दे उन्हें सांत्वना दी. पिंपलनेर की स्मशान भूमि में दोनों पति-पत्नी का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया.

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