डिजिटल फ्रॉड होने पर मिलेगा 25 हजार मुआवजा
भारतीय रिजर्व बैंक का ऐतिहासिक फैसला

मुंबई/दि.7-डिजिटल धोखाधडी का शिकार होने वाले बैंक ग्राहकों को अब 25 हजार रुपए तक की भरपाई दी जाएगी, ऐसी घोषणा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को की. उल्लेखनीय है कि, ग्राहक ने गलती से अपना ओटीपी शेअर किया होगा तो ऐसे ग्राहक को भी भरपाई मिलेगी.
आरईआई के 85 हजार करोड रुपए के डीईए फंड से यह रकम दी जाएगी.
* रेपो दर जस के तस
रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को घोषित की वित्त नीति समीक्षा में रेपो दर 5.25 प्रतिशत जस की तस रखा है. महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक स्थिरता रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है. इसलिए होम लोन, वाहन लोन और अन्य कर्ज का ब्याजदर फिलहाल कम नहीं होगा.
* महत्वपूर्ण नियम और शर्तें
-एकही बार मौका : यह भरपाई ग्राहक को जीवन में केवल एकही बार मिल पाएगी.
-15 प्रश हिस्सा ग्राहक का : ठगी की कुल रकम में से 15 प्रतिशत रकम ग्राहक को सहना होगी. शेष रकम यानी 25 हजार तक आरबीआई देगा.
* वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधा
मल्होत्रा ने बताया कि, धोखाधडी रोकने के लिए आरबीआई जल्द ही अतिरिक्त सुरक्षा संसाधन लाएगा. इसमें लाभार्थियों के खाते में रकम जमा होने के लिए कुछ समयावधि की सीमा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष जांच प्रक्रिया का समावेश होगा.
* सोना गिरवी कर्ज की चिंता नहीं
सोने के दर में उतार-चढाव के कारण सोना गिरवी कर्ज को लेकर निर्माण भय को आरबीआई ने दूर किया है. मल्होत्रा ने बताया कि, सोना तारण कर्ज की स्थिति मजबूत होकर, चिंता का कारण नहीं. बैंकों का लोन टू वैल्यू प्रमाण सीमा से कम होने से सुरक्षा कायम है. एमएसएमई और व्यक्तिगत कर्ज की गुणवत्ता भी उत्तम है.





